शिमला। विश्वविद्यालय की हाई पॉवर कमेटी ने सीओई कार्यालय की ओर से 11 अगस्त तक कॉलेजों को अवार्ड और इंटरनल असेसमेंट के साथ ऑनलाइन ब्योरा भेजने को दी डेडलाइन पर मुहर लगा दी है। प्रति-कुलपति की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया कि 11 तक जो ऑनलाइन ब्योरा आएगा, उसी आधार पर रूसा प्रथम सत्र का परीक्षा परिणाम तैयार कर दिया जाएगा। एक सप्ताह के भीतर कंपाइल, ग्रेडिंग निकाल कर घोषित कर दिया जाएगा। शेष छात्रों के मामलों को बाद में सेटल करवाने का मौका दिया जाएगा। सीओई और परीक्षा शाखा के एआर और डीआर की ओर से रखे तथ्यों के मुताबिक अब तक 2 लाख 75 हजार में से दो लाख तक की एंट्री की जा चुकी है। 36 हजार छात्रों की एंट्री के लिए कॉलेजों के पास पांच दिन हैं। इस बीच यह संख्या ढाई लाख तक पहुंचने की उम्मीद है। कमेटी ने परिणाम तैयार करने को विशेष रूप से तैनात प्रोग्रामर की टीम को कॉलेजों से समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक एंट्री करवाने को कहा। फैसला लिया कि दूसरे सत्र की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया पुराने पैटर्न पर ही निर्धारित मूल्यांकन केंद्रों में की जाएगी। कॉलेजों के इस एक्टिविटी वीक के दौरान मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। दूसरे और पहले सत्र की रूसा की नई एंट्री करने को कॉलेज चाहें तो डाटा एंट्री ऑपरेटर एक रुपये प्रति एंट्री पर तैनात कर सकेंगे। इसका बजट फिलहाल कॉलेज पीटीए फंड से ही होगा। कॉलेज प्राचार्यों से कहा कि डाटा एंट्री में गठित विवि की विशेष सेल पूरा सहयोग करेगी। बैठक में विवि के कुलसचिव मोहन झारटा, शिक्षा विभाग से रूसा निदेशक डा. अमरदेव, रूसा इंचार्ज शिक्षक गोपाल कृष्ण, डीन सीडीसी प्रो. एसएस चौहान, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एसएल कौशल, कोटशेरा कॉलेज के प्राचार्य डा. उमा रणदेव, संजौली के डा. जेएस नेगी, आरकेएमवी से प्रो. मीरा वालिया, ठियोग से प्रो. करुणा आदि मौजूद रहे।
हॉबी विषय की जगह भरें नन
परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि जिन कॉलेजों में हॉबी विषय पढ़ाया नहीं गया, या फिर उसकी परीक्षा नहीं हुई है, उस एंट्री में नन भरे जाने पर एंट्री हो जाएगी। इसकी व्यवस्था सॉफ्टवेयर में कर दी गई है।