शिमला। गैस सिलेंडर ब्लास्ट में झुलसे दो छात्रों में से एक की मौत हो गई है। तीन दिन से जिंदगी और मौत के बीच झूलते हुए पांच साल के कर्ण ने रविवार दोपहर ढाई बजे आईजीएमसी अस्पताल में अंतिम सांस ली। दूसरा छात्र सचिन अभी वेंटिलेटर पर है। इन दोनों छात्रों को बीते शुक्रवार को गंभीर हालत में रामपुर से आईजीएमसी लाया गया था।
सिलेंडर ब्लास्ट में सात छात्र झुलसे हैं। इनमें से दो को आईजीएमसी लाया गया था। बीते शुक्रवार को सुबह करीब 9:30 बजे रामपुर उपमंडल के प्राथमिक स्कूल कोछड़ में छात्रों ने पहले स्कूल के कमरे खोले और उसके बाद रसोई का दरवाजा खोला। चाबियां बच्चों के पास थी। इसी दौरान छात्रों को गैस की दुर्गंध आई। तभी कुछ छात्र गैस बंद करने के लिए दौड़ पड़े। इसी दौरान हादसे से अंजान एक छात्र ने वहां पड़े लाइटर को स्पार्क कर दिया। स्पार्क होते ही सिलेंडर ब्लास्ट हो गया।
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दूसरे छात्र आईसीयू में
आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश चंद ने कहा कि रविवार सुबह से वह खुद अस्पताल में थे। कर्ण और सचिन की रिपोर्ट ले रहे थे। लेकिन दोपहर करीब ढाई बजे कर्ण की मौत हो गई। उसकी हालत पहले से ही गंभीर थी। सचिन वेंटिलेटर पर है। उसकी स्थिति में सुधार आ रहा है।
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बाल आयोग ने दिया है नोटिस
प्राथमिक स्कूल कोछड़ी को राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्कूल हेड टीचर को पेश होने का नोटिस दिया है। स्कूल के मुख्य शिक्षक को आयोग ने 26 अगस्त को आयोग के कोर्ट में हाजिर होने को कहा गया है। कोर्ट लगने से पहले आयोग स्वयं भी स्कूल का निरीक्षण करेगा और यहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेगा।