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पीटीए भर्ती पर असमंजस में कॉलेज

Thu, 31 Jul 2014 05:31 AM IST
Shimla
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शिमला। सरकार ने पीटीए के तहत भर्ती होने वाले शिक्षकों की नियुक्तियों से रोक तो हटा दी, लेकिन इनकी भर्तियों को लेकर स्पष्ट निर्देेश न होने से प्रिंसिपलों में भ्रम की स्थिति है। कई कॉलेजों ने नियुक्तियों के लिए तय तारीख स्थगित कर दी है। नए शिक्षकों की नियुक्तियों के नियम स्पष्ट करने के लिए 2 अगस्त को उच्चतर शिक्षा निदेशालय में कॉलेज प्रिंसिपलों की बैठक होगी। इसकी अध्यक्षता प्रधान सचिव शिक्षा स्वयं करेंगे। सभी के संदेह मौके पर निपटाए जाएंगे। रूसा लागू करने में पेश आ रही समस्याओं, कॉलेजों में टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ की स्थितियों के अलावा कई मुद्दों पर चर्चा होगी। शिक्षकों के हो रहे स्थानांतरण और पहले सेमेस्टर में रिजल्ट में देरी पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी। पिछले दिनों हुई बैठक में यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने रिजल्ट में देरी को लेकर कॉलेजों को जिम्मेवार ठहराया था। हालांकि, कॉलेजों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया था।
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सरकार के ये हैं नए आदेश
हाल ही में सरकार ने कॉलेजों में शिक्षा का स्तर सुधारने के उद्देश्य से पीटीए के तहत भर्ती होने वाले शिक्षकों पर नई शर्तें लागू की हैं। 18 जुलाई के बाद कॉलेजों में पीटीए के तहत रखे जाने वाले अस्थाई शिक्षकों को विवि अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) पास करना अनिवार्य होगा। वहीं, राज्य लोकसेवा आयोग की ओर से आयोजित स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (सेट) भी पीटीए के तहत लगने वाले शिक्षकों को पास करना होगा। 18 जुलाई से पहले के रखे शिक्षकों को नहीं हटाने की स्थिति स्पष्ट की है।

इन कारणों से भ्रम की स्थिति
18 जुलाई, 2014 से पहले लगे शिक्षकों को न हटाने के निर्देश तर्कसंगत नहीं हैं। प्रत्येक शैक्षणिक सत्र के बाद ये शिक्षक स्वत: ही पद से हट जाते हैं। इनकी नियुक्तियां हर साल नए तरीके से नई पीटीए बॉडी करती है। ऐसे में इन्हें कैसे पदों पर बनाए रखना अनुचित है।
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- पीटीए लोकल बॉडी है। ऐसे में यह सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है कि वह पीटीए को शिक्षकों की भर्तियों संबंधी किसी भी तरह के निर्देश जारी कर सके।

- पीटीए नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ रहा है। ऐसे में किसे रखें और किसे न रखें की स्थिति पैदा हो रही है।
- सुप्रीम कोर्ट और हाईकोट के निर्देश अस्थाई शिक्षकों की नियुक्तियां हो बंद।

स्थिति तो स्पष्ट दुविधा कहां
अधिसूचना में कोई दुविधा नहीं है। स्थिति स्पष्ट है। 18 जुलाई से पहले तैनात शिक्षकों को हटाया नहीं जाएगा। इसके बाद जिन शिक्षकों को रखा जाएगा, उन्हें नेट और सेट क्लीयर करना अनिवार्य होगा। कॉलेजों में सेंक्शन पोस्ट के अगेंस्ट इनकी भर्तियां होनी हैं।
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- अली रजा रिजवी प्रधान सचिव शिक्षा।
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