शिमला। बरसात में सूबे की सड़कें अब ज्यादा देर तक बंद नहीं रहेंगी। सरकार ने लोक निर्माण विभाग के 12000 कर्मचारियों को फील्ड में तैनात करने के आदेश दिए हैं। ये कर्मचारी सितंबर तक फील्ड में ही काम करेंगे। ये व्यवस्था उन जिलों के लिए की गई है, जहां अधिकतर सड़कें बरसात में बंद रहती हैं। जिला शिमला, किन्नौर, कुल्लू, किन्नौर और सिरमौर जिला शामिल हैं। बरसात के दौरान भू-स्खलन से सड़कें बंद होती हैं। बीते वर्ष लोक निर्माण विभाग के पास भू-स्खलन से सड़कें बाधित रहने की सौ से अधिक शिकायतें आई थीं। कर्मचारियों की कमी से विभाग को इन सड़कों को यातायात के लिए सुचारु करने में दिक्कतें आई थीं। इस बार पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। कर्मचारियों के अलावा 100 जेसीबी और 20 डोजर भी फील्ड में रखने की व्यवस्था की है। जिले के सब डिविजनों पर इसका कंट्रोल रहेगा। कहीं से भी भू स्खलन की शिकायत मिलने पर टीमें मौके पर भेजी जाएंगी।
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सितंबर तक अवकाश नहीं
प्रदेश से जब तक मानसून रुखसत नहीं हो जाता, तब तक फील्ड में तैनात कर्मचारियों को अवकाश नहीं मिलेगा। इसके बाद कर्मचारी को बारी-बारी से छुट्टियां मिलेंगी। विशेष परिस्थिति में लोक निर्माण विभाग कर्मचारियों को अवकाश दे सकता है।
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सीएम ने जारी किए आदेश
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने लोक निर्माण विभाग से चौकस रहने को कहा है। विभाग के चीफ इंजीनियर एमएस ठाकुर ने बताया कि सेब सीजन में बागवानों को सड़क से संबंधित कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। जहां भी सड़कें भू-स्खलन से बंद रहती हैं, वहां कर्मचारियों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई जाएगी। इस बार फील्ड में 12000 कर्मचारी लगाए गए हैं। सूचना पर तुरंत सड़क को बहाल किया जाएगा।