शिमला। हिमाचल सरकार प्रशासनिक आधार पर जारी तबादला आदेशों पर अमल न होने से नाराज है। कुछ महकमों में ऐसे मामले सामने आने के बाद कार्मिक विभाग ने वीरवार को सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को लिखित निर्देश जारी कर दिए। इनमें कहा गया है कि ट्रांसफर के अप्रूवड डीओ या मंजूर आदेशों पर गैर जरूरी बहानेबाजी दिखाई जा रही है। सीएम ऑफिस से जारी आदेशों को लंबित रखा जा रहा है। किसी तरह तबादला आदेश जारी न हों, इसके लिए बहाने तलाशे जा रहे हैं।
कार्मिक विभाग के उप सचिव प्रेम सिंह ठाकुर की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि ऐसा अब नहीं चलेगा। किसी सरकारी कर्मचारी का तबादला जनहित में प्रशासनिक आधार पर किया गया हो, उसे आदेश मिलते ही लागू करना होगा। इसके बाद विभागाध्यक्ष को इसकी रिपोर्ट भी सरकार को भेजनी होगी। हर प्रशासनिक अथॉरिटी यानी प्रशासनिक सचिव या विभागाध्यक्ष को इन मामलों की निगरानी भी खुद करनी होगी। इसके लिए इन्हें अपने स्तर पर कोई ऐसी प्रणाली तैयार करने को कहा गया है, ताकि इन्हें तबादला आदेशों पर हुई कार्रवाई की सूचना मिलती रहे।
प्रधान सचिव (कार्मिक) एसकेबीएस नेगी कहते हैं कि सरकार के पास फीडबैक था कि कुछ विभागों में अप्रूवड नोट भी फंस रहे हैं। इस कारण नए सिरे से लिखित में निर्देश जारी करने पड़े। ऑर्डर समय पर इंप्लीमेंट न होने से इन्हें रद्द करवाने के लिए अनावश्यक दबाव बढ़ता है।
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आजकल केवल सीएम करते हैं ट्रांसफर ऑर्डर
हिमाचल में वर्तमान में तबादलों पर प्रतिबंध है। इस दौरान केवल मुख्यमंत्री कार्यालय से ही ऑर्डर होते हैं। ये सभी आदेश प्रशासनिक आधार पर जनहित में किए जाते हैं। तबादलों पर से प्रतिबंध मार्च-अप्रैल में हटता है। तब कैबिनेट मंत्री अपने-अपने महकमों मेें तबादले कर सकते हैं। तबादलों के इच्छुक कर्मचारी भी आवेदन दे सकते हैं।