शिमला। हिमाचल के सरकारी डिग्री कॉलेजों में पीटीए या पीरियड आधार पर लगे शिक्षकों को सरकार अनुबंध पर ले सकती है। इसके लिए विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग के अनुसार जिन शिक्षकों को पढ़ाते हुए 8 साल हो चुके हैं, उन्हें कांट्रेक्ट में लाया जाएगा। ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है। इनकी संख्या 45 तक पहुंच चुकी है। पीटीए और पीरियड आधार पर रखे शिक्षक खाली, स्वीकृत और सिंगल पदों पर तैनात हैं। इन्हें कॉलेज प्रबंधन पीटीए और पीएफ फंड से वेतन दे रहा है। प्रदेश के विभिन्न कॉलेजों में तैनात इन शिक्षकों की संख्या 95 से अधिक हैं। इन शिक्षकों को प्रिंसिपल अपने स्तर पर ही तैनात करते थे। इनकी नियुक्ति साक्षात्कार और मेरिट के आधार पर रेगुलर टीचर के आने तक होती है। ये शिक्षक गणित, मेडिकल, नॉन मेडिकल, इंग्लिश, म्यूजिक सहित कई अहम विषयों को पढ़ा रहे हैं। कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए इन शिक्षकों की अहम भूमिका है। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा प्रणाली के तहत कॉलेजों में 1500 शिक्षकों की आवश्यकता है। जिस गेस्ट टीचरों के बूते पढ़ाई चल रही है उनका भविष्य भी अधर में लटक गया है।
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नई भर्ती पर रोक से दुविधा बरकरार
प्रधान सचिव शिक्षा की ओर से 16 जून को जारी अधिसूचना में साफ निर्देश दिए गए हैं कि कॉलेज प्रिंसिपल और प्रशासन किसी शिक्षक को पीटीए, पीरियड बेस पर नियुक्ति न दे। यदि कॉलेज प्रबंधन किसी को रखता है तो उसका वेतन प्रिंसिपल के वेतन से दिया जाएगा। ऐसे में जिन शिक्षकों ने इसके लिए आवेदन किया है उन्हें रखने व नहीं रखने को लेकर अभी भी कॉलेजों में दुविधा की स्थिति बनी हुई है।
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आज सीएम से मिलेेंगे पीटीए शिक्षक
प्रदेश भर के विभिन्न कॉलेजों में तैनात 95 से अधिक पीटीए और पीरियड आधार पर तैनात शिक्षक सोमवार को मुख्यमंत्री से मिलेेंगे। शनिवार को भी इन शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश की, लेकिन व्यस्तता के कारण वे मुख्यमंत्री से नहीं मिल पाए और सोमवार को फिर से मिलने का निर्णय लिया है।