शिमला। डा. वाईएस परमार उद्यान एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी ने अपने 14 विभिन्न विभागों में 17 सहायक वैज्ञानिकों की तैनाती को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय मंगलवार को शिमला में निदेशक मंडल की बैठक में लिया गया। इसमें यह भी फैसला हुआ कि राज्य सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों की तर्ज पर इस विश्वविद्यालय में भी सेवानिवृत्ति की अवधि को एक साल बढ़ाया जाए। इसके अतिरिक्त शिक्षण स्टाफ की सेवानिवृत्ति आयु 62 साल करने पर भी सहमति बनी। इन दोनों मामलों को आगामी मंजूरी को सरकार को भेजा गया है।
निदेशक मंडल की यह बैठक मंगलवार को शिमला में पर्यटन निगम के होटल होलीडे होम में हुई। इसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति डा. विजय सिंह ठाकुर ने की। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्यान विनीत चौधरी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। यह नए बीओडी की बैठक थी। डा. विजय सिंह ठाकुर ने इसकी पुष्टि की कि इस बैठक में 17 सहायक वैज्ञानिकों की तैनाती को मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पेंशन के बढ़ते बोझ को देखते हुए सरकार की तर्ज पर तमाम कर्मचारियों को एक साल का सेवा विस्तार देने पर सहमति बनी। 60 साल में सेवानिवृत्त करने के बजाय इन्हें 61 साल में रिटायर करने के इस मामले को आगे सरकार को अंतिम मंजूरी को भेजा गया है। इसी तरह से देश भर के विश्वविद्यालयों में शिक्षण स्टाफ की सेवानिवृत्ति आयु को भी 60 से 62 साल किया जा रहा है। इसी तर्ज पर नौणी विश्वविद्यालय को लेकर भी सहमति बनाकर इसे आगे सरकार को भेज दिया गया है।
इस बैठक में बागवानी निदेशक डा. गुरदेव सिंह, अतिरिक्त मुख्य अरण्यपाल वीवीआर सिंह के अलावा निदेशक मंडल के सदस्य आरए सिंह, डा. आरएल चौहान, कुंजना सिंह, एक जनजातीय सदस्य उमेश नेगी, दो किसान सदस्य प्रकाश ताजटा और जितेंद्र सरकै क मौजूद हुए।
शांडिल्य