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औद्योगिक नीति में फिर होगा संशोधन

Sat, 14 Jun 2014 05:33 AM IST
Shimla
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शिमला। हिमाचल सरकार औद्योगिक नीति में फिर संशोधन करेगी। कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद नए सिरे से औद्योगिक नीति पर काम हुआ था। इसे सरकार ने सभी विभागों को जारी किया था, ताकि वे भी अपनी राय दे सकें। औद्योगिक पैकेज की अवधि पहले खत्म होने की भरपाई करने के लिए इसे ज्यादा निवेश मित्र बनाया गया था। अब इसमें नया संशोधन होगा।
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औद्योगिक नीति की नेगेटिव लिस्ट से अब ज्यादा बिजली खपत वाले उद्योगों को हटाया जाएगा। राज्य सरकारों ने इससे पहले ज्यादा बिजली खाने वाले और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को नेगेटिव सूची में रखा था। यानी इन्हें हिमाचल में स्थापित करने को प्रोत्साहन नहीं दिया जा रहा था। अब चूंकि राज्य में सरप्लस पावर है और ये बिक भी नहीं रही है। यदि सरकार इसे बेचने के लिए प्रयास भी करती है तो खरीददार समय पर भुगतान नहीं करते। ऐसे में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बिजली की औद्योगिक खपत बढ़ाने को कहा है।
इस कारण अब औद्योगिक नीति में इस्पात उद्योगों, बड़ी फ्लोर मिलों और टाइल्स के उद्योगों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। हालांकि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग जैसे चमड़ा प्रयोग करने वाले उद्यम अब भी नेगेटिव लिस्ट में रहेंगे। हालांकि इन प्रयासों का क्या नतीजा सरकार को मिलता है? ये अब भी बड़ा सवाल है।
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इनसेट
अभी ड्राफ्ट ही जारी हुआ है पालिसी का : राजेंद्र सिंह
उद्योग निदेशक राजेंद्र सिंह का कहना है कि नई औद्योगिक नीति का अभी ड्राफ्ट ही जारी हुआ है। इस पर सभी संबंधित विभागों से राय मांगी गई है। सरकार इसे ज्यादा प्रभावी बनाना चाह रही है। अब मुख्यमंत्री की ओर से आए निर्देशों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। हम उन सभी संभावनाओं पर गौर करने के बाद जरूरी संशोधन करेेंगे, ताकि ज्यादा बिजली खपत वाले उद्योग भी हिमाचल आसानी से आ सकें।
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