शिमला। हिमाचल प्रदेश को केंद्र ने दो बड़े तोहफे दिए हैं। रूसा के तहत कांगड़ा जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज जबकि सिरमौर जिले के सराहां, चंबा जिले के छतराड़ी और किन्नौर के रिकांगपिओ में तीन मॉडल डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। केंद्रीय मानव विकास संसाधन मंत्रालय के तहत गठित प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड ने प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। रूसा के तहत नए इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के लिए केंद्र ने कुल 26 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। वहीं, छतराड़ी और सराहां में नए मॉडल कॉलेज के लिए 12-12 करोड़ और रिकांगपिओ डिग्री कॉलेज को अपग्रेड कर मॉडल कॉलेज बनाने के लिए 4 करोड़ मिलेंगे। प्रदेश सरकार ने तीन नए मॉडल कॉलेज और तीन पुराने कॉलेजों को अपग्रेड कर मॉडल कॉलेज बनाने का प्रस्ताव भेजा था। मंत्रालय ने प्रदेश सरकार से शैक्षणिक स्तर में पिछड़े जिलों से मॉडल कॉलेजों के प्रस्ताव मांगे थे। इसी के तहत प्रदेश की ओर से 6 कॉलेजों के नाम भेजे गए थे।
अप्रूवल से पूर्व बोर्ड ने प्रधान सचिव शिक्षा से सबूत के तौर पर उच्चतर शिक्षा विभाग के नाम भूमि ट्रांसफर करने संबंधी दस्तावेज मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा प्रदेश सरकार से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी मांगी गई है। इसके बाद ही केंद्र की ओर से कॉलेज निर्माण के लिए राशि जारी करवाने की प्रक्रिया शुरू होगी। इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश करने वाले छात्र छात्राओं को पढ़ाई के लिए स्मार्ट क्लासरूम के अलावा कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इनसेट:
एचपीयू को मिले 20 करोड़ रुपए
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में आधारभूत ढांचा मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 20 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। प्रदेश ने इस कंपोनेंट के तहत दो यूनिवर्सिटी का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। इनमें एक को मंजूरी मिली है। यह पैसा दो किश्तों में मिलेगा। इस साल इसके तहत 10 करोड़ रुपये जारी होंगे और बाकी अगले वित्तवर्ष में जारी होंगे। विवि प्रबंधन के अनुसार इस राशि से कैंपस डेवलपमेंट, कई विभागों के अधूरे पड़े निर्माण कार्य, नए हास्टल निर्माण सहित मरम्मत का कार्य किए जाएंगे।
मॉडल कॉलेजों में क्या होगा
मॉडल कॉलेजों में पढ़ाई के लिए हर तरह की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। जैसे स्मार्ट क्लास रूम, आधुनिक लैब, स्मार्ट लाइब्रेरी, प्रोफेशनल एजूकेशन, आईटी शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ टीचर स्टूडेंट्स रेशो भी रूसा की नियमावली के अनुसार सुनिश्चित होगी। इतना ही नहीं, शिक्षकों का पढ़ाने के तरीकों को लेकर भी कई कदम उठाए जाएंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कॉलेज भवनों का निर्माण भी पुराने ढर्रे पर नहीं होगा।