शिमला। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि प्रदेश में राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल (एनडीआरएफ) बटालियन के गठन का मामला भारत सरकार से उठाया जाएगा। प्रदेश सरकार समय-समय पर इस मांग को दोहराती रही है। इस पहाड़ी राज्य में होने वाली प्राकृतिक आपदाओं और बड़े हादसों को देखते हुए बटालियन की जरूरत है। इस बारे में वह आज ही केंद्र सरकार को पत्र लिखने वाले हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय में मीडिया से अनौपचारिक बात कर रहे थे।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल में हर साल प्राकृतिक आपदाओं के कारण जान-माल की भारी क्षति होती है। इसका एक प्रमुख कारण राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल का न होना भी है। प्रदेश में जब भी कोई आपदा आती है, तो हमें आपदा प्रबंधन के लिए पड़ोसी राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता है। इस कारण राहत एवं बचाव कार्य में देर हो जाती है। इसलिए यह आवश्यक है कि हिमाचल को अपनी एनडीआरएफ बटालियन दी जाए।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि रविवार शाम को थलौट के समीप ब्यास नदी में बहे सभी विद्यार्थियों के आश्रितों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की राहत राशि दी जाएगी। प्रदेश सरकार ने इस दुर्घटना से प्रभावित सभी छात्रों को हर संभव सहायता प्रदान की है। उन्हें हैदराबाद तक निशुल्क पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के गृह मंत्री एन. नरसिम्हा रेड्डी ने प्रदेश सरकार के काम पर संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि शवों का निकालने का काम निरंतर जारी रहेगा।