शिमला। पीटीए शिक्षक अब 8 साल के बजाय 7 साल काम कर चुके शिक्षकों को भी कांट्रेक्ट में शामिल करने की मांग कर रहा है। हाल ही में प्रदेश सरकार ने पीटीए शिक्षकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करते हुए इन्हें कांट्रेक्ट में शामिल करने के आदेश जारी किए हैं। लेकिन कांट्रेक्ट के कितने साल बाद पीटीए शिक्षक नियमित होंगे, इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है। सरकार की ओर जारी इस अधिसूचना में स्पष्ट किया गया कि वही पीटीए शिक्षक कांट्रेक्ट में शामिल होंगे, जिन्हें नौकरी करते हुए आठ साल हो चुके हैं। अब शिक्षकों ने मांग की है कि 7 साल पहले लगे पीटीए शिक्षक भी इसमें शामिल किए। तीन अलग अलग वर्गों में तैनात पीटीए शिक्षकों को 10,875, 10,525 और 10,125 रुपये मासिक वेतन मिल रहा है। अधिसूचना के तहत 6845 पीटीए शिक्षकों में से करीब 4000 शिक्षक ही कांट्रेक्ट में शामिल हो सक ते हैं, जबकि 2945 शिक्षक एक साल बाद इसमें शामिल होंगे। इसके अलावा पीटीए शिक्षक ों नेअवकाश समय, आंदोलन समय और निलंबन समय को सेवाकाल में जोड़ने की मांग की है।
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नई नीति बनाए सरकार
पीटीए शिक्षकों की नियमितीकरण को लेकर तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने नीति बनाई थी। सितंबर 2007 में विधि विभाग ने इसे मंजूरी भी दे दी थी, लेकिन अक्तूबर में कोड ऑफ कंडक्ट लगने के कारण नीति लागू नहीं हो पाई। ऐसे में पीटीए शिक्षकों ने फिर से नीति निर्माण की मांग उठाई है।
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सरकार शीघ्र करें नियमित
प्रदेश सरकार से आग्रह है कि वे पीटीए शिक्षकों की नियमितीकरण के लिए शीघ्र नीति बनाएं और नियमित करें। मुख्यमंत्री भी हमें इस संबंध में आश्वासन दे चुके हैं। अपनी मांगों को लेकर शीघ्र ही एक पीटीए शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलने जाएगा।
-विवेक मेहता. अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश पीटीए टीचर एसोसिएशन