शिमला। आर्थिक संकट से जूझ रहे प्रदेश विश्वविद्यालय ने फीस बढ़ोतरी की ओर फिर कदम बढ़ाया है। परीक्षा फीस में दो गुणा तक बढ़ोतरी की जा सकती है। शनिवार को विवि में कुलपति प्रो. एडीएन बाजपेयी की अध्यक्षता में रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी की बैठक हुई। इसमेें तय किया गया कि संसाधन बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय 2012-13 में गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों को आधार बनाएगा। इसमें प्रस्तावित फीस बढ़ोतरी के साथ ही कमेटी हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड और पड़ोसी राज्यों के विश्वविद्यालयों के मौजूदा फीस स्ट्रक्चर को स्टडी करेगा। बैठक में कुलपति ने तर्कसंगत युक्तिकरण, बाजार मूल्य सूचकांक और आधारभूत लागत का खर्चा जोड़कर फीस बढ़ाने का सुझाव रखा। सदस्यों ने भी सुझाव रखे। हालांकि, कुलपति ने कहा कि नई फीस ईसी के अनुमोदन के बाद ही लागू होगी। बैठक में पूर्व में तैयार फीस चार्ट पर चर्चा हुई। बैठक में वर्तमान समिति का पुनर्गठन भी किया गया। इसमें ईसी मेंबर हरीश जनार्था, अधिष्ठाता अध्ययन, कुलसचिव डा. मोहन झारटा, अधिष्ठाता योजना प्रो. पीके आहलुवालिया, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. एसएस चौहान, कुलपति के सचिव, परीक्षा नियंत्रक, निदेशक इक्डोल प्रो. रमेश कौंडल, निदेशक यूसीबीएस प्रो. सीएल चंदन, प्रो. कैलाश ठाकुर, डा. एनएस विष्ट और वरयाम सिंह बैंस सदस्य होंगे, जबकि वित्त अधिकारी दिवाकर कमल संयोजक होंगे। बैठक में एक अहम फैसला लिया गया कि प्रदेश में बाहर के संस्थानों की ओर से चलाए जा रहे बीबीए/ बीसीए कोर्सों को बंद करवाया जाए। इस बारे में फैसला अलग से ईसी के मार्फत होगा। विवि इसके बदले इन संस्थानों को फ्रेंचाइजी देगा। विवि शिमला के एवालॉज में इन दोनों कोर्सों को चलाने के लिए एक अलग संस्थान चला रहा है। वहीं, प्रदेश भर के दर्जनों कॉलेजों में बीसीए के कोर्स चलाए जा रहे हैं। कुछ निजी विवि और बाहरी राज्यों के संस्थान भी ये कोर्स चला रहे हैं।
हाई लेवल कमेटी 2012-13 की फीस दरें
कोर्स प्रस्तावित फीस
डिग्री/डिप्लोमा रेगुलर पीएफ/पीपी
बीए, प्रथम द्वितीय तृतीय 600+200
बीकॉम 600+200
बीएससी 700+200
एमए/एमकॉम 800+210
बीएड 1200
एमएससी 1200+400
एलएलबी 1000+400
एमफिल 1400