शिमला। प्रदेश विश्वविद्यालय के दूरवर्ती अध्ययन एवं मुक्त अध्ययन संस्थान (इक्डोल) ने भी कोर्स की फीस बढ़ाने की तैयारी कर ली है। इक्डोल के छात्रों से पत्राचार और स्टडी मैटीरियल के पार्सल आदि के खर्च और लेसन प्रिंटिंग आदि का खर्च बढ़ने का तर्क देकर फीस में दो सौ से ढाई सौ रुपये तक बढ़ोतरी की जानी प्रस्तावित है। सूत्रों के मुताबिक इक्डोल प्रशासन को कुलपति से हरी झंडी मिल चुकी है। फीस बढ़ाने को अलग से शिक्षकों की कमेटी बनाई गई है। कमेटी छात्रों को दी जा रही सेवाओं पर होने वाले खर्च का आकलन कर जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसे विवि कार्यकारी परिषद से मंजूरी के लिए रखा जाना है। डाक खर्च भी 40 से बढ़ाकर 92 रुपये कर दिया है। फीस बढ़ने के बाद छात्रों को हर आवश्यक दस्तावेज रजिस्टर्ड भेजे जाएंगे। यूजी कोर्स की जो वर्तमान में फीस ढाई से तीन हजार है, उसमें दो से ढाई सौ से तीन सौ रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। उधर, इक्डोल के निदेशक प्रो. कुलवंत राणा ने माना कि डाक और अन्य बढ़े खर्च को पूरा करने के लिए फीस बढ़ाने को शिक्षकों की कमेटी बनाई गई है। इसकी रिपोर्ट आने पर ही आगामी फैसला लिया जाएगा।
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कमेटी जल्द सौंपेगी अपनी रिपोर्ट
विवि की ओर से गठित विशेष कमेटी जल्द रिपोर्ट सौंपेगी। प्रथम चरण में रूसा के तहत यूजी सामान्य वर्ग और पीजी कक्षाओं की फीस बढ़ाई जानी प्रस्तावित है। इसके बाद रूसा के तहत प्राइवेट छात्र के रूप में इक्डोल से पढ़ाई कर रहे छात्रों की फीस बढ़ाने का मामला सरकार के ध्यान में लाया जाएगा। इसके लिए इक्डोल सरकार से अतिरिक्त अनुदान मांगेगा।
आधी भी नहीं रही इक्डोल की आय
यूजी में रूसा लागू होने के बाद प्राइवेट पढ़ाई बंद हो गई है। छात्राओं, एससी/एसटी आरक्षित वर्ग के छात्रों से इक्डोल महज 500 रुपये फीस ले रहा है। लेसन प्लान, पीसीपी, परीक्षा संचालित करने में इक्डोल इससे तीन गुणा से अधिक पैसा खर्च कर रहा है। सरकार की ये कल्याणकारी योजनाएं लागू करने से इक्डोल की आय आधी भी नहीं रही है। रूसा में 90 फीसदी छात्राएं और आरक्षित वर्ग के छात्र हैं। इसके लिए सरकार से अनुदान नहीं मिला है।