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गति पकड़ेंगे टाटा, रिलायंस के पावर प्रोजेक्ट

Mon, 02 Jun 2014 05:35 AM IST
Shimla
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शिमला। टाटा, रिलायंस, एलएनटी, मोजर बियर सहित आधा दर्जन से अधिक बड़ी कंपनियों के पावर प्रोजेक्ट गति पकड़ सकते हैं। देश में भारी बिजली संकट को देखते हुए केंद्र सरकार हिमाचल में 1000 से अधिक मेगावाट के अटके प्रोजेक्टों को जल्द हरी झंडी दे सकती है। ये परियोजनाएं केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में लंबे समय से अटकी हैं।
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हिमाचल सरकार ने लगभग तीन से चार साल पहले बड़ी कंपनियों के एक हजार से अधिक मेगावाट की परियोजनाओं का आवंटन किया था, लेकिन यूपीए सरकार की ओर से इन परियोजनाओं को आज तक ग्रीन सिगनल न मिल पाने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। जबकि, इतनी ऊर्जा से देश के एक बड़े हिस्से को बिजली संकट से उबारा जा सकता है। इसके साथ ही हिमाचल को भी 12 फीसदी बिजली फ्री में मिलेगी, जिससे हर साल राजस्व लाभ होगा। सकता है। वैसे भी गर्मी और सर्दी के मौसम में पूरे देश को बिजली संकट से जूझने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ऐसे में एक हजार मेगावाट ऊर्जा की उपलब्धता काफी अहम होगी।

इनसेट
पीएम बनते ही मोदी का बिजली पर फोकस
प्रधानमंत्री बनते ही नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में बिजली का उत्पादन बढ़ाना है। इसके लिए अटकी परियोजनाओं को तेजी से ग्रीन सिगनल देने के लिए कहा था। इसी कड़ी के बाद शुक्रवार को ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात करके पर्यावरण के कारण रुकी बिजली परियोजनाओं पर चर्चा की। चुनाव प्रचार के दौरान मोदी ने ग्रीन एनर्जी यानी जल विद्युत परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया था।
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अदानी का मामला कोर्ट में
हिमाचल में अदानी ग्रुप के एक पावर प्रोजेक्ट का मामला कोर्ट में चल रहा है। इस मामले में प्रदेश सरकार की ओर से भी नोटिस दिया गया था, जिसका कंपनी ने जवाब दे दिया है। इस ग्रुप को जो पावर प्रोजेक्ट आवंटन किया गया था, उसे निरस्त किया जा चुका है। चर्चा है कि इस मामले में भी अदानी ग्रुप को केंद्र से राहत मिल सकती है।

कोट
हिमाचल स्तर पर एक भी परियोजनाएं नहीं रुकी है। ऐसे में प्रदेश की ओर से किसी प्रकार की प्रक्रिया व्यक्त करना ठीक नहीं होगा, लेकिन अगर केंद्र की ओर से परियोजनाओं को तेज गति से मंजूरी दी जाती है तो अच्छी बात होगी। इससे हिमाचल को भी लाभ होगा। - एसकेबीएस नेगी, प्रधान सचिव ऊर्जा हिमाचल प्रदेश
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