शिमला। हिमाचल प्रदेश के उन प्राथमिक सहायक अध्यापकों (पैट) को राहत मिली है जिन्हें जमा दो में 50 फीसदी से कम नंबर आने पर नियमितीकरण की ट्रेनिंग से बाहर कर दिया गया था। अब ऐसे करीब 275 पैट शिक्षकों को दो साल की ट्रेनिंग में बैठने की अनुमति मिल गई है। लेकिन इसके लिए इन शिक्षकों को एक एफिडेविट लिख कर देना होगा। जिसमें लिखा जाएगा कि वे इंप्रूवमेंट का रिजल्ट आने तक प्रोविजनल बेस पर ट्रेनिंग में बैठेंगे और ट्रेनिंग के लिए जो 6 हजार रुपये से अधिक की राशि दी जाएगी वह बाद में उन शिक्षकों को वापस नहीं मिलेगी जो इंप्रूवमेंट के परिणामों में अपने नंबर नहीं बढ़ा पाएंगे। बुधवार को हिमाचल प्राथमिक सहायक अध्यापक संघ के पदाधिकारियों की संयुक्त निदेशक प्रारंभिक एमएल आजाद और स्टेट ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर उप निदेशक कश्मीर सिंह के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी चंदन नेगी ने कहा कि बैठक में संघ का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामपाल ने किया। उन्होंने कहा कि संघ की इस मांग को मानने पर प्रदेश अध्यक्ष मदन ठाकुर और जिलों के अध्यक्षों ने शिक्षा विभाग प्रारंभिक के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है। ट्रेनिंग नेशनल ओपन स्कूल ऑफ इंडिया द्वारा शुरू की गई है।
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बीए, बीएड डिग्री होल्डर्स को भी राहत
बीए, बीएड डिग्री होल्डर्स पैट शिक्षकों को भी शिक्षा विभाग ने ट्रेनिंग में राहत दी है। इस वर्ग के शिक्षक ों के लिए नियमितीकरण की ट्रेनिंग दो नहीं छह महीने की होती है। इसमें सामान्य वर्ग के शिक्षकों के लिए पहले बीए में 50 फीसदी और अन्य वर्गों के लिए 45 फीसदी अंकों का होना अनिवार्य किया गया था। इन वर्गों में 5-5 फीसदी अंकों की छूट दी गई है। अब इसमें भी शिक्षा विभाग ने 50 की जगह 45 और 45 की जगह 40 फीसदी अंकों की अनिवार्यता तय की है।