शिमला। हिमाचल सरकार ठोस कचरा प्रबंधन के जरिये शहरों की साफ सफाई में हालैंड सरकार की मदद लेगी। इसके लिए जैविक कचरे को एकत्र और रिसाइकल करने के लिए हालैंड से नई एवं आधुनिक तकनीक आयात की जाएगी। इस बारे में हालैंड के राजदूत 16 जून को प्रदेश का दौरा कर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। शहरी विकास विभाग की बैठक में ये जानकारी शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने दी।
सुधीर शर्मा ने कहा कि लोगों को प्रदेश के सभी शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन, मल निकासी, जल निकासी प्रबंधन, शौचालय तथा सड़क जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए धर्मशाला और सुंदरनगर को आदर्श शहरों के रूप में विकसित करने के लिए चिन्हित किया गया है। यह ठोस कचरा प्रबंधन के सेगरीगेशन का प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरी निकायों तथा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, राजीव आवास योजना और छोटे तथा मध्यम शहरों के लिए शहरी विकास अधोसरंचना योजना जैसे प्रोजेक्टों के काम में तेजी लाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि यूआईडीएसएसएमटी के दूसरे चरण के तहत शहरों में सड़क, रास्ते, गलियां, वर्षा जल संग्रहण प्रणाली, मल निकासी प्रणाली, नालों का तटीकरण और समुचित पेयजल की व्यवस्था होगी। निदेशक शहरी विकास कैप्टन जेएम पठानिया ने कार्यवाही का संचालन किया। सचिव शहरी विकास आरडी नजीम, विशेष सचिव पूर्णिमा चौहान, अतिरिक्त निदेशक शहरी विकास सुनीता काप्टा एवं अन्य अफसर बैठक में थे।
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अब हर महीने काम की रिपोर्ट लेंगे मंत्री
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा विभाग में हो रहे काम की हर महीने समीक्षा बैठक के जरिये रिपोर्ट लेंगे। विभागीय योजनाओं को गति देने के लिए ये फैसला लिया गया है। मंत्री ने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय स्तर पर गैर सरकारी एवं चुने हुए सदस्यों के मध्य अंतर को समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। विभाग में पीपीपी मोड में अधोसंरचना विकास की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।