शिमला। आखिरकार स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एक शुद्धिपत्र जारी कर तीसरी से पांचवीं कक्षा की पाठ्य पुस्तकों में छपी त्रुटियों को दूर करने का रास्ता अपनाया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद ये शुद्धिपत्र बोर्ड के सचिव ने जारी किया है। ये भी तय हुआ है कि अगले संस्करण की जब छपाई होगी, तब ये त्रुटियां ठीक की जाएंगी।
हाईकोर्ट ने विजय कुमार हीर बनाम हिमाचल सरकार के केस में इन गलतियों में सुधार के निर्देश दिए थे। 29 अप्रैल 2014 को आए इस फैसले के बाद शिक्षा बोर्ड ने सर्व शिक्षा अभियान के निदेशक को इस बारे में कदम उठाने को कहा। एसएसए निदेशक ने एक कमेटी का गठन किया और मई में इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी। इसमें 99 में से 66 त्रुटियां शिक्षा विभाग ने स्वीकार की हैं। हालांकि कमेटी ने ये भी कहा कि याचिकाकर्ता का कुछ मूल पाठों को त्रुटिपूर्ण कहना न्यायसंगत नहीं है और बताई गई गलतियां भी सहीं नहीं हैं।
ये भी तय हुआ है कि चित्रों से जुड़ी करीब 20 त्रुटियों को आगामी संस्करण की कक्षा तीसरी से पांचवीं की किताबों से हटाया जाएगा। अब बोर्ड सभी शिक्षकों को शुद्धिपत्र की प्रतियां जारी कर इनमें पढ़ाते समय सुधार के लिए कहेगा। हालांकि इस सर्कुलर में अब भी नहीं बताया गया है कि इसके लिए कौन अफसर जिम्मेदार हैं?