शिमला। प्रदेश विश्वविद्यालय की नौ जून से शुरू हो रही स्नातोतर (पीजी) परीक्षाओं के लिए छात्रों को विवि से रोलनंबर का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। छात्र परीक्षा फार्म भरने का प्रमाण परीक्षा केंद्र अधीक्षक को दिखाकर परीक्षा दे सकेंगे। विवि ने पीजी के परीक्षार्थियों को यह विशेष सुविधा देने का फैसला लिया है। कुलपति प्रो. एडीएन बाजपेयी की अध्यक्षता में शनिवार को विशेष बैठक हुई। उन्होंने कहा कि यह सुविधा सिर्फ उन छात्रों को होगी, जिन्होंने विवि की ओर से तय परीक्षा फार्म भरने के शेड्यूल के मुताबिक परीक्षा फार्म भरे और फीस जमा करवाई। ऐसे छात्रों को परीक्षा फार्म भरने के बाद उसकी रजिस्ट्री की रसीद, आईपीओ, बैंक ड्राफ्ट की रसीद या विश्वविद्यालय के काउंटर पर फीस जमा करवाने की रसीद जैसे दस्तावेज अपने नजदीकी स्थापित किए गए परीक्षा केंद्र के अधीक्षक को दिखाने होंगे। पहचान पत्र भी दिखाना होगा। इसके लिए केंद्र अधीक्षकों को अधिकृत कर दिया गया है। छात्रों को आखिरी पेपर देने से पहले रद्द किए गए परीक्षा फार्म के कारणों को जानने के बाद उसके लिए आवश्यक दस्तावेज और औपचारिकताओं को पूरा करना होगा। ऐसा न करने की स्थिति में छात्र का परीक्षा परिणाम रोक दिया जाएगा। विवि ने पात्र छात्रों को रोलनंबर और डेटशीट डाक से भेज दी है। डेटशीट विवि की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।