शिमला। समय... शुक्रवार सुबह 8 बजे। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का निजी आवास हालीलॉज। अजब सा सन्नाटा छाया हुआ है। हालीलॉज के कर्मचारी खामोशी से अपनी-अपनी ड्यूटी संभालने लग गए हैं। 9 बजे। हॉलीलाज परिसर में सन्नाटा पसरा है। कर्मचारियों से पूछा कि क्या सीएम साहब भीतर हैं? जवाब मिला कि भीतर ही हैं। उनकी बेटियां आई हैं। टीवी पर रिजल्ट देख रहे हैं। अभी भीतर जाना मना है। पूछने पर कि अन्य कांग्रेस नेता हैं भी कि नहीं? जवाब मिलता है कि और कोई नहीं है। एक कर्मचारी बोला - अभी तक के रुझान भाजपा के पक्ष में हैं। अभी सरकारी कर्मचारियों का वोट काउंट हो रहा है। जाहिर है रुझान दस बजे के बाद बदलने लगेंगे। हालीलॉज का स्टाफ यहां-वहां से रुझान पता कर रहा है। सूची बना रहा है। स्टाफ का एक कर्मचारी बोला - साहब! कभी भी कुछ भी पूछ सकते हैं, पर टीवी देख रहे हैं। बाहर मुख्यमंत्री के प्रेस सचिव प्रदीप कंवर, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के छायाकार मंजुल शर्मा आदि भी पहुंच चुके हैं।
10 बजे। हालीलॉज परिसर के लॉन पर कुर्सियां-टेबल लग गए हैं। माना जा रहा है कि सीएम कभी भी बाहर आ सकते हैं। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष हर्ष महाजन भीतर आते हैं। वे किसी से बात किए बिना सीधे हालीलॉज में प्रविष्ट होते हैं। थोड़ी ही देर में मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव सुभाष आहलुवालिया भी पहुंचते हैं। वे भी सीधे मुख्यमंत्री से मिलने जाते हैं।
11 बजे। हालीलॉज की रसोई में पिछले कई दशकों से सेवाएं दे रहे किशोरी लाल के माथे पर चिंता की लकीरें और भी बढ़ गई हैं। वह हालीलॉज स्थित कार्यालय में पूछते हैं कि मंडी का क्या हुआ? जवाब मिलता है - अभी रानी साहिबा पीछे हैं। किशोरी लाल माथा पकड़कर बैठ जाते हैं।
12 बजे। हालीलॉज परिसर में फैला सन्नाटा अब टूटने लगा है। यहां कांग्रेस नेता, मीडियाकर्मी आदि जुटने लगे हैं। कांग्रेस नेता भीतर जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। एक कार्यकर्ता बोले - ऊपर साहब बहुत प्रचंड हैं। किसी की सामने जाने की हिम्मत नहीं। कांग्र्रेस की परफार्मेंस से नाराज हैं। वह अपना एंड्रोइड फोन निकालकर प्रदेश चुनाव विभाग की वेबसाइट दिखाते हैं। देखिए - कांगड़ा में शांता कुमार की लीड डेढ़ लाख प्लस जा रही है। अनुराग ठाकुर 70 हजार प्लस जा रहे हैं। वीरेंद्र कश्यप तो इससे भी ऊपर। मंडी में रामस्वरूप शर्मा 25 हजार प्लस। अब देखिए न। इतना मार्जन कम कैसे होगा? साथ खडे़ जुब्बल-कोटखाई से संबंध रखने वाले हिमफेड के पूर्व अध्यक्ष प्रताप चौहान उनकी बात का समर्थन करते हैं। वह जुब्बल-कोटखाई के कम मार्जिन से चिंतित हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वीसी फारका भी पहुंचते हैं। फारका भी सीधे सीएम के पास जाते हैं। बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी खुशहाल भी अपने इलाके को लेेकर कहते हैं कि रामपुर से भी अच्छी परफार्मेंस नहीं रही। 1 बजे। वीरभद्र सिंह भीतर हालीलॉज में ही हैं। पत्रकारों को सूचित किया जाता है कि सीएम खुद साढे़ 3 बजे अपने सचिवालय स्थित कार्यालय में प्रेस ब्रीफिंग करेंगे। पूरे रुझान आने के बाद ही मुख्यमंत्री मीडिया से रू-ब-रू होंगे। यही बात दोहराने स्वयं मुख्यमंत्री के सलाहकार टीजी नेगी बाहर आते हैं। इसके बाद परिसर में कांग्र्रेस कार्यकर्ता, सुरक्षा कर्मी और अन्य कुछ लोग ही रह पाते हैं। कभी सन्नाटा तो कभी कार्यकर्ताओं की हलचल.. यही सब चल रहा है...।
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कांग्रेस दफ्तर में छाई रही उदासी
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अजीब सी उदासी छाई रही। दोपहर के समय कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन शिमला पहुंचे। प्रदेश भर में तैनात एआईसीसी के पर्यवेक्षक और अन्य नेता भी यहां जुटने शुरू हुए। टीवी लगा था। सुक्खू हाथ में रिमोट पकड़कर चैनल बदल रहे थे। बीच-बीच में फोन भी घनघना रहे थे। रुझान ज्यूं-ज्यूं आगे बढ़ रहे थे, त्यूं-त्यूं कांग्र्रेस नेताओं के चेहरों पर चिंता की लकीरें उभर रही थीं। हर कोई मोदी की इस लहर का लोहा मान रहा था।