शिमला। स्कूली बच्चों को आईटी शिक्षा देने वाले शिक्षक दोहरी मार झेल रहे हैं। चंडीगढ़ की आईटी कंपनी नाइलिट दो माह से इन्हें वेतन नहीं दे रही है। वहीं, चेन्नई की एवरोन कंपनी पीएफ और सिक्योरिटी मनी दिए बिना ही लौट गई है। अब एवरोन कंपनी ने करीब 500 शिक्षकों के पीएफ के फार्म रद्द कर एक और झटका दिया है। करीब 1275 शिक्षकों में से 500 शिक्षकों के फार्म रद्द कर फिर से आवेदन करने को कहा है। इन्हें अप्रैल 2008 से मई 2013 तक प्रति टीचर 40 हजार पीएफ और 5 हजार सिक्योरिटी मनी नहीं दी है। तीन वर्गों में कंप्यूटर शिक्षकों से 675, 604 और 575 रुपये प्रति माह पीएफ के रूप में वेतन से काटे जाते थे। इसके अलावा 1578 कंप्यूटर शिक्षकों को चंडीगढ़ की कंपनी ने दो महीने से वेतन नहीं दिया है। ये शिक्षक 9वीं से 12वीं के सवा लाख बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा दे रहे हैं। स्कूली बच्चों से 110 रुपये प्रतिमाह के हिसाब के फीस लेकर करोड़ों की राशि उच्च शिक्षा विभाग को सौंप दी है। शिक्षा विभाग ने चंडीगढ़ की आईटी कंपनी नाइलिट से नया करार किया था। छात्रों से जो फीस वसूली जाती है, वह विभाग के खाते में जाती है। एसोसिएशन के अध्यक्ष दलजीत मन्हास और महासचिव रोशन मेहता ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों से कंप्यूटर शिक्षकों की शिकायतें आ रही हैं कि चेन्नई की कंपनी ने करीब 500 शिक्षकों के पीएफ के फार्म रद्द कर दिए हैं। एसोसिएशन के संरक्षक राजेश शर्मा, उपाध्यक्ष राकेश शर्मा, सलाहकार बलबीर पटियाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र शर्मा, सचिव राजेश पटियाल ने बताया कि वे चुनाव के बाद मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें शिक्षा विभाग और कंपनियों द्वारा किए जा रहे शोषण से अवगत करवाएंगे। राजेश शर्मा ने बताया कि पीएफ न देने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की मांग की जाएगी।
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कई तरह की गल्तियां है फार्म में
500 नहीं 300 कंप्यूटर शिक्षकों के पीएफ फार्म रद्द हुए हैं। सभी को सूचित कर फिर से फार्म भरने को कहा गया है। रद्द किए फार्म में कहीं अकाउंट नंबर गलत हैं तो किसी के पति-पिता के नाम मैच नहीं कर रहे है। इसके अलावा कई और कमियां भी पाई गई हैं।
- राजपाल चौहान, स्टेट प्रोजेक्ट ऑफिसर एवरोन।