शिमला। विश्व बैंक ने सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) को लुहरी में 600 मेगावाट की परियोजना बनाने को लोन देने से इनकार कर दिया है। हालांकि, अभी प्रोजेक्ट को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण से मंजूरी नहीं मिली है। इस कारण विश्व बैंक को अपना कदम वापस लेना पड़ा। एसजेवीएनएल ने लुहरी में पहले 775 मेगावाट की परियोजना बनाने का निर्णय लिया था। इसको लेकर 4000 करोड़ की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई थी। इतना ऋण लेने के लिए एसजेवीएनएल ने विश्व बैंक को अप्रोच किया था। इस पर विश्व बैंक ने परियोजना की क्षमता कम कर 600 मेगावाट कर दी थी। इसके बाद नए सिरे से डीपीआर बनाई गई। इसे मंजूरी के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण को भेजा गया। प्राधिकरण से कब तक मंजूरी मिलेगी। इसका अंदाजा विश्व बैंक को भी नहीं रहा। ऐसे में विश्व बैंक ने इस प्रोजेक्ट से फिलहाल हाथ खींच लिया है। इस परियोजना का स्थानीय स्तर पर भी विरोध किया जा रहा था। इसके लिए सतलुज बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया जा चुका है। उधर, एसजेवीएनएल के एजीएम पीआर वीके वर्मा ने बताया कि विश्व बैंक का ऋण देने के इनकार करने से परियोजना पर कोई दुष्प्रभाव पड़ने वाला नहीं है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण से स्वीकृति मिलने के बाद किसी अन्य बैंक से ऋण को अप्रोच कर लिया जाएगा।