शिमला। हिमाचल में शहरों के विकास में हॉलैंड मदद करेगा। शहरी विकास विभाग ने विस्तारित होते शहरों की जरूरतों के हिसाब से विकास योजनाएं बनाने और ठोस कचरा प्रबंधन के लिए हॉलैंड यानी नीदरलैंड और फ्रांस से मदद मांगी है। शुक्रवार शाम को इस बारे में नई दिल्ली में शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा और शहरी विकास विभाग के निदेशक कैप्टन जेएम पठानिया ने इन दोनों देशों के राजदूतों के साथ बैठक की। हिमाचल में इस समय 50 शहरी निकाय हैं।
नीदरलैंड के राजदूत अल्फोंसस स्टोलिंगा और सीनियर पॉलिसी एडवाइजर रीमा यादव के साथ नई दिल्ली में हुई बैठक में सहमति बनी है कि नीदरलैंड वाटर सप्लाई एवं सेनिटेशन, सीवरेज, ठोस कचरा प्रबंधन, शहरी परिवहन, शहरी निकायों का क्षमता विकास आदि क्षेत्रों में तकनीकी मदद करेगा। शहरी विकास विभाग को केंद्र सरकार से सिटी डेवलपमेंट प्लान बनाने के लिए 46 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट मिला है। राज्य के सभी 50 शहरों की जरूरत के हिसाब से ये प्लान बनना है। इसमें नीदरलैंड तकनीकी विशेषज्ञता हिमाचल सरकार को ट्रांसफर करेगा और प्रयोग के तौर पर किसी एक शहर में काम खुद करके दिखाएगा। फ्रांस ने शहरी परिवहन योजनाओं में सहयोग की इच्छा जताई है।
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धर्मशाला के प्रोजेक्ट को फंड करेगा यूरोपियन यूनियन
नीदरलैंड और फ्रांस के साथ मिलकर शहरी विकास विभाग धर्मशाला के आसपास ठोस कचरा प्रबंधन का एक कंपोस्ट प्रोजेक्ट शुरू करेगा। इस प्रोजेक्ट पर होने वाले खर्च का 70 फीसदी यूरोपियन यूनियन फंड करेगा। राज्य में चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद इस बारे में नीदरलैंड और फ्रांस उच्चायोग का एक दल शिमला आएगा। हिमाचल सरकार के साथ शेष औपचारिकताएं तभी पूरी होंगी।