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एक्सईएन सहित चार पर 25 हजार पेनल्टी

Tue, 01 Apr 2014 05:30 AM IST
Shimla
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शिमला। हिमाचल प्रदेश सूचना आयोग ने राज्य लोक निर्माण विभाग के एक एक्सईएन, एक एसडीओ और दो डीलिंग सहायकों को आरटीआई में मांगी सूचना देने में देरी करने पर 25 हजार रुपये की पेनल्टी लगाई है। साथ ही विभाग के प्रमुख अभियंता को नसीहत दी है कि वह भविष्य में जन शिकायतों और विशेषकर आरटीआई की दरख्वास्तों का समयबद्ध निपटारा करने को जरूरी कदम उठाएं। यह जानकारी 20 साल पुरानी एक शिकायत को लेकर मांगी गई थी। इसका निपटारा ही नहीं किया गया। इस पर भी आयोग ने तल्खी दिखाई है।
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राज्य मुख्य सूचना आयुक्त भीमसेन की कोर्ट ने यह फैसला अनंतराम नेगी बनाम राज्य लोक निर्माण विभाग के जुब्बल कार्यालय की शिकायत पर सुनाया। कोर्ट ने कहा कि वर्तमान में भरमौर में तैनात एक्सईएन जतिंद्र धीमान, बड़सर में तैनात सहायक अभियंता पीएस धीमान सहित दो डीलिंग सहायक केस्टा और रतन चंद इसके लिए जिम्मेवार हैं। उनके स्पष्टीकरण तार्किक नहीं हैं, क्योंकि सूचना देने में एक साल से ज्यादा की देरी की गई है। इसलिए इन पर बराबर हिस्सों में 25 हजार रुपये की पेनल्टी लगाई जाती है। इस आदेश की एक प्रति प्रमुख अभियंता को भी नोटिस लेने के लिए भेजी जाती है। जिस अतिक्रमण के मामले से संबंधित अनंतराम नेगी ने सूचना मांगी, वह 1994 से लेकर लंबित पाया गया है। 20 साल से अधिक समय बीतने के बावजूद इस पर निर्णय नहीं लिया गया। रिकॉर्ड में यह भी पाया गया है कि उपमंडल नियंत्रक ठियोग ने इसकी सुनवाई को पांच तिथियां निर्धारित कीं। इसकी एक प्रति उपमंडल नियंत्रक ठियोग को भी भेजी जाए। वह भी इसका नोट लेंगे। वह 20 साल से अधिक समय से चल रहे मामलों के निपटारे के लिए जरूरी कदम उठाएं।
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