शिमला। स्थान : हेरिटेज रेलवे स्टेशन शिमला, समय : सुबह 10:30 बजे। ‘रेलवेज ऑफ द राज’ टूअर के लिए रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर कोच पहुंच चुके हैं। सफर पर रवाना होने के लिए सैलानी प्लेटफार्म पर पहुंच चुके हैं। स्टीम इंजन के रवाना होने में अभी समय बाकी है इसलिए सैलानी रेलवे स्टेशन और शिमला की खूबसूरती को अपने कैमरों में कैद करने में जुट हुए हैं। समय 10:50 मिनट, रेलवे यार्ड से निकल कर 108 साल पुराना ऐतिहासिक स्टीम इंजन प्लेटफार्म की ओर बढ़ रहा है। तीखी सीटी और छुक छुक की आवाज सुनते ही सभी स्टीम इंजन की तरफ मुड़ गए हैं। स्टीम इंजन के कोच के साथ जुड़ते ही सैलानी डिब्बों में सवार हो गए हैं। समय 11:10 मिनट, सहयोगियों के साथ चालक मानसिंह स्टीम इंजन में सवार हुए और गाड़ी कैथलीघाट की ओर रवाना हो गई। 12:45 मिनट पर स्टीम इंजन कैथलीघाट पहुंचा और करीब 3:15 बजे कैथलीघाट से वापिस शिमला की ओर रवाना हुई। शाम करीब 5:15 बजे स्टीम इंजन वापिस शिमला पहुंचा।
- ‘ट्रेवल पलज इंडिया’ की ओर से टूर का आयोजन
शिमला से कैथलीघाट तक स्टीम इंजन के टूअर का आयोजन ‘ट्रेवल पलज इंडिया’ की ओर से किया गया। ‘ट्रेवल पलज इंडिया’ के डायरेक्टर अमित चोपड़ा ने बताया कि टूअर को ‘रेलवेज ऑफ द राज’ नाम दिया गया था। अमेरिका, आस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड के सैलानियों ने टूर में भाग लिया। शिमला से पहले सैलानियों ने दार्जिलिंग, कांगड़ा वैली और अमृतसर रेलवे वर्कशाप का भी भ्रमण किया।
- रेलवे में नौकरी की, शौक भी रेल में सफर का
‘रेलवेज ऑफ द राज’ टूअर में भाग लेने वाले सभी सैलानी आस्ट्रियन रेलवे के कर्मचारी रह चुके हैं। आस्ट्रिया के आस्कर मेसरस्मिथ, हरवर्ट हेडवोगल और विलहेलम सालिगर ने बताया कि रेलवे से बतौर इंजीनियर रिटायर होने के बाद वह शौकिया तौर पर हेरिटेज रेलवे में घूमते हैं। उन्होंने बताया कि ‘रेलवेज ऑफ द राज’ टूअर में उन्हें खूब आनंद आया।