शिमला। राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष ने ऋण दोषियों से अपील की कि वे बैंक की ओर से चालू एकमुश्त ऋण अदायगी योजना का लाभ उठाएं। अन्यथा बैंक उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करेगा। ऋण वसूली में ढील नहीं दी जाएगी। इसके दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने निदेशक मंडल सदस्यों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में जाकर बैंक की ऋण योजनाओं की जानकारी दें। इससे अधिक से अधिक लोगों को बैंक से ऋण लेने के लिए प्रेरित किया जा सकेगा। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी एवं ग्रामीण विकास बैंक के निदेशक मंडल की त्रैमासिक बैठक गत सोमवार को बैंक के मुख्य कार्यालय शिमला में हुई। बैंक चेयरमैन पंडित शिवलाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड डा. कंवर प्रकाश चंद, पंजीयक सहकारी सभाएं के नामित व्यक्ति प्रबंध निदेशक बैंक डा. डीआर शर्मा, प्रबंध निदेशक बैंक डा. पंकज ललित के अतिरिक्त अन्य निदेशक मंडल सदस्य मौजूद रहे। अध्यक्ष ने कहा कि बैंक ने चालू वित्त वर्ष के दौरान 80 करोड़ की नकद वसूली की। यह आज तक की सबसे अधिक वसूली है। उन्होंने इसका श्रेय निदेशक मंडल सदस्यों और बैंक कर्मचारियों को दिया। कहा कि वसूली प्रक्रिया में संतोषजनक एवं आशातीत प्रगति होने के कारण नाबार्ड ने तीन वर्षों के अंतराल पर बैंक को फिर से वित्तीय सहायता देने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि बैंक को चालू वित्त वर्ष में 40 करोड़ नाबार्ड से पुनर्वित्त के माध्यम से प्राप्त हो चुके हैं। बैठक में वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए ऋण वितरण के लक्ष्य को मंजूरी दी गई। बैंक ने अगले वित्त वर्ष में 79 करोड़ के ऋण वितरण का लक्ष्य रखा है।