शिमला। राज्य सचिवालय में बुधवार को इस साल के बिल पास करवाने के लिए फाइलें दौड़ती रहीं। वित्त विभाग के निर्देश थे कि 26 मार्च शाम 5 बजे तक ही ट्रेजरी इस साल के बिल लेगी। विभागाें में मेडिकल रिइम्बर्समेंट, मरम्मत, यात्रा भत्ते आदि के बिल पास करवाने की होड़ लगी थी। हालांकि, कई प्रशासनिक सचिवों के सचिवालय में न होने के कारण दिक्कतें भी सामने आईं। जनजातीय क्षेत्रों के लिए बिल पास करने की अंतिम तिथि 29 मार्च रखी गई है।
वित्त विभाग इस बार राज्य के सरकारी कर्मचारियों की सेलरी भी एक अप्रैल की बजाय 31 मार्च को ही जारी करेगा। इसी वित्त वर्ष में भुगतान करने का रिकार्ड बनाने के लिए 31 को ही कर्मचारियों और पेंशनरों को भुगतान हो जाएगा। कोषागारों और विभागों को पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं। ट्रेजरी में इसके एडवांस बिल देने की व्यवस्था बनाई गई है। 31 मार्च की हड़बड़ी को खत्म करने के लिए वित्त विभाग ने सभी केंद्र प्रायोजित स्कीमों में राज्य के हिस्से का धन जारी कर दिया है। सरकारी महकमों को 31 मार्च से पहले अतिरिक्त बजट नहीं दिया जा रहा है, लेकिन यदि उनके पास बचत में कुछ पैसा है, तो इसे अन्य कार्यों के लिए प्रयोग करने की मंजूरी दी जा रही है। विभाग अपने पास किसी भी मद में पड़े धन को मेडिकल रिइम्बर्समेंट, कार्यालय खर्च, यात्रा भत्ते या अन्य खर्चों में प्रयोग कर सकते हैं।
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आईपीएच को 19 करोड़ की मंजूरी मिली
आईपीएच को स्कीमों की मरम्मत के लिए 13 करोड़ और आपदा राहत के तहत 9 करोड़ खर्च करने की मंजूरी वित्त विभाग ने दी है। स्वास्थ्य विभाग ने उपकरण खरीदने के लिए 50 लाख और एमबीबीएस के 2011 के बैच की पंजीकरण फीस के लिए 5 लाख की मंजूरी ली है। आवासीय आयुक्त कार्यालय दिल्ली ने भी 50 लाख खर्च की मंजूरी मांगी है। शिक्षा विभाग में स्कालरशिप योजनाओं के लिए के लिए खर्च की मंजूरी दी गई है।