शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्ष के नेता प्रेम कुमार धूमल ने हाईकोर्ट के उस आदेश का स्वागत किया है, जिसमें प्रदेश में निष्क्रिय पड़े अपग्रेड स्कूलों को 6 महीने के भीतर क्रियाशील बनाने को कहा गया है। धूमल ने कहा कि केवल चुनावों को देखते हुए की जा रही ऐसी लोक लुभावनी घोषणाओं पर हाईकोर्ट का फैसला करारा तमाचा है।
उन्होंने कहा कि वह पहले भी इस मसले को उठाते रहे हैं कि प्रदेश सरकार केवल चुनावों के मद्देनजर मतदाताओं को गुमराह करने के लिए घोषणाएं कर रही है। बिना सुविधाओं और बजट के स्कूलों को अपग्रेड किया जा रहा है। शिक्षा के अधिकार कानून के तहत बनाए गए नियमों के विपरीत प्रदेश सरकार वोट बैंक के चक्कर में कोरी घोषणाएं कर रही थी। इस संदर्भ में बनाए गए मापदंडों का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा था।
धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार के मात्र सवा साल के कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र के साथ जो खिलवाड़ हुआ है, उसकी भरपाई करना आने वाले समय में कठिन होगा। मात्र 5-5 करोड़ रुपये देकर डिग्री कालेज खोले जा रहे हैं। भाजपा शुरू से बिना बजट की कोरी घोषणाओं का विरोध करती रही है। कांग्रेस नेताओं को समझना होगा कि कोरी घोषणाओं से कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलता। केवल विश्वसनीयता का संकट पैदा होता है। लोकसभा चुनाव में इसका खामियाजा कांग्रेस सरकार भुगतेगी।