शिमला। प्रदेश पुलिस के हजारों कर्मचारी मतदान नहीं करने का फैसला ले सकते हैं। प्रदेश पुलिस कल्याण संघ ने साफ किया है कि परिवार और रिश्तेदारों को भी इस विरोध में शामिल करेंगे। संघ का मानना है कि आठ घंटे से अधिक ड्यूटी करने की एवज में पुलिस जवानों को एक महीने का अतिरिक्त वेतन मिलता है। इस साल यह वेतन बढे़ हुए नहीं अपितु पुराने वेतनमान के आधार पर मिलने की अधिसूचना के बाद से पुलिस जवानों में रोष है। पुलिस कर्मचारियों की मांग है कि 29 मार्च तक इस अधिसूचना में संशोधन नहीं होता है तो वे मेस बंद करने के अलावा मतदान का भी विरोध करेंगे। इससे साफ है कि विभाग के करीब हजारों पुलिस कर्मचारी मतदान के अधिकार का प्रयोग नहीं करेंगे। संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चौहान ने बताया कि पुराने वेतनमान के आधार पर अतिरिक्त वेतन देने से पुलिसकर्मियों को 5 हजार से लेकर 13 हजार रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ेगा। कांस्टेबल को 10 से 12 हजार, हेड कांस्टेबल को 9 से 10 हजार, एएर्सआई को 8 से 9 हजार और इंस्पेक्टर को 6 से 7 हजार रुपये का नुकसान होगी। संघ की मांग है कि अतिरिक्त वेतन पुराने नहीं बल्कि नए वेतनमान के आधार पर मिले। इस संबंध में संघ की ओर से 12 मार्च को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, प्रधान सचिव वित्त, प्रधान सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक को भी पत्र लिखकर पुराने वेतनमान के आधार पर अतिरिक्त वेतन देने की अधिसूचना को रद्द करने को लेकर मांग कर चुके हैं। पुुलिस प्रमुख संजय कुमार ने बताया कि उनके ध्यान में ऐसा कोई मामला ही नहीं आया है और न ही पुलिस विभाग में ऐसी कोई एसोसिएशन है।