शिमला। ओल्ड बस स्टैंड में एचआरटीसी मुख्यालय के सामने मंगलवार को एचआरटीसी कर्मचारियों की संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए राज्य कंडक्टर यूनियन के उपाध्यक्ष नील कमल ने कहा कि 11 मार्च को हड़ताल की जाएगी। इसके लिए एचआरटीसी प्रबंधन जिम्मेदार होगा। गेट मीटिंग के दौरान एचआरटीसी कर्मचारियों ने निगम प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। सर्व कर्मचारी यूनियन शिमला के सचिव देवी चंद शर्मा ने बताया कि निगम प्रबंधन कर्मचारियों की मांगों को अनसुना कर रहा है। निगम प्रबंधन के रवैये के कारण दिन रात सेवाएं दे रहे एचआरटीसी कर्मचारियों को अपने हक पाने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी को रोडवेज का दर्जा मिलने पर ही कर्मचारियों के हित सुरक्षित रह सकते हैं। एचआरटीसी कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार से एचआरटीसी को रोडवेज का दर्जा देने की भी मांग की। गेट मीटिंग में चालक यूनियन के अध्यक्ष प्रवीण कुमार, रोशन वर्मा, चालक संघ के सचिव सुभाष कुमार, कंडक्टर यूनियन के सलाहकार पद्म देव शर्मा, कोषाध्यक्ष जगदीश शर्मा, रमेश चंद, रामलाल, दीपराम, यशपाल, पद्म सिंह, मेध सिंह, गोपाल, विनोद कुमार, कृष्णलाल, बलदेव शर्मा, वासुदेव शर्मा, कुलदीप, प्रभु राज और अजय वर्मा आदि मौजूद रहे।
ये हैं मांगें
- एचआरटीसी को तुरंत रोडवेज का दर्जा दिया जाए
- एक साल से लंबित नाइट और ओवर टाइम का भुगतान तुरंत हो
- कमीशन पर रखे गए कर्मचारियों के लिए स्थायी पॉलिसी बने
- कर्मचारियों को तुरंत डीए का भुगतान किया जाए
- समय के अनुसार हो ड्यूटी का आकलन