शिमला। बर्फबारी के बाद ऊपरी शिमला में परिवहन व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है। कुफरी, नारकंडा व खड़ापत्थर में सड़क पर फिसलन के कारण वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। रविवार को एचआरटीसी के 43 रूट फेल हुए हैं जबकि निगम की चार बसें भी फंसी हुई हैं।
बर्फबारी के बाद जिला भर में परिवहन व्यवस्था प्रभावित है। राजधानी से 16 किलोमीटर दूर कुफरी से फागू तक सड़क पर बर्फ के कारण वाहन स्किड होने के कारण जाम लग रहा है। ऊपरी शिमला में लोकल रूट भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। रविवार को नारकंडा और खड़ापत्थर से एचआरटीसी की एक-एक बस निकाली जा सकी। ट्रायल के दौरान नारकंडा से रामपुर की ओर दोपहर बाद 2:00 बजे व खड़ापत्थर से रोहड़ूू के लिए शाम 4:30 बजे बस निकाली जा सकी। हालांकि रविवार को भी शिमला-चौपाल रूट पर बसों की आवाजाही शुरू नहीं हो सकी। ठियोग व कोटखाई में रविवार को लोकल रूटों पर बसों की आवाजाही शुरू कर दी गई। शिमला से सैंज, कोटखाई व ठियोग के लिए बसें भेजी गई हैं।
कहां कितने रूट फेल
रामपुर 1
रोहड़ूू 13
रिकांगपिओ 4
तारादेवी 13
शिमला ग्रामीण 12
वैकल्पिक मार्गों से बसें रवाना
- चौपाल वाया पांवटा साहिब - 1 बस
- रोहड़ूू वाया विकासनगर - 1 बस
- रामपुर वाया बसंतपुर - 3 बसें
कुफरी, नारकंडा, खड़ापत्थर में फिसलन
कुफरी, नारकंडा व खड़ापत्थर में बर्फबारी के बाद सड़क पर फिसलन बढ़ गई है। गाड़ियों के स्किड होने के कारण बार बार जाम लग रहा है। रविवार को भी कुफरी, नारकंडा व खड़ापत्थर में दिन भर जाम की स्थिति बनी रही और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेत-मिट्टी न होने से बढ़ी दिक्कत
राष्ट्रीय राजमार्ग-22 पर कुफरी, फागू व नारकंडा में सड़क पर रेत मिट्टी न होने के कारण दिक्कत बढ़ गई है। एनएच विभाग सड़क खोलने का दावा कर रहा है लेकिन फिसलन के कारण वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है।
चौपाल-नेरवा के बीच सड़क बहाल
चौपाल व नेरवा के बीच रविवार को यातायात बहाल हो गया लेकिन शिमला-चौपाल रूट पर खिड़की के पास सड़क बंद होने के कारण वाहनाें की आवाजाही शुरू नहीं हो सकी। शिमला से चौपाल की ओर रवाना की गई बसें देहा से वापस लौट आईं।
लोकल रूट पर चली तारादेवी डिपो की बसें
एचआरटीसी के तारादेवी डिपो की छह बसें रविवार को शिमला में लोकल रूटों पर चलाई गईं। ऊपरी शिमला में रूट ठप होने के कारण लोकल रूटों पर बसें चलाई गईं।