शिमला। विकास खंड छौहारा व रोहड़ू़ूू वार्ड नंबर पांच धगोली से सदस्य चंद्रेश्वर प्रसाद जिला परिषद शिमला के नए अध्यक्ष चुने गए हैं। सोमवार को जिला उपायुक्त कार्यालय के बचत भवन में हुए चुनाव में कांग्रेस समर्थित चंद्रेश्वर प्रसाद ने भाजपा समर्थित अपनी प्रतिद्वंद्वी नीलम सरैक को चौदह के मुकाबले सात मतों से हराकर जिला परिषद के अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। करीब दो घंटे तक चली चुनाव प्रक्रिया के दौरान माकपा समर्थित वार्ड सदस्य रीना ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया जबकि एक मत अवैध पाया गया।
उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा की अध्यक्षता में चुनाव प्रक्रिया पूरी की गई। जिला परिषद अध्यक्ष चुनने के लिए हुई चुनाव प्रक्रिया में जिला परिषद के कुल तेईस सदस्यों ने हिस्सा लिया। इनमें से चौदह मत विकास खंड छौहारा व रोहड़ूू के वार्ड नंबर पांच धगोली से सदस्य चंद्रेश्वर प्रसाद और सात मत विकास खंड जुब्बल कोटखाई के वार्ड थरोला की सदस्य नीलम सरैक के पक्ष में पड़े। इस दौरान एक मत रद घोषित किया गया। माकपा समर्थित विकास खंड मशोबरा के वार्ड आनंदपुर की सदस्य रीना ने चुनाव प्रक्रिया में अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया। चुनाव प्रक्रिया के बाद उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा ने चंद्रेश्वर प्रसाद को जिला परिषद अध्यक्ष के पद पर निर्वाचित घोषित किया।
---------
अवैध मत देने वाले को मिली दाद
चुनाव प्रक्रिया में जिस वार्ड सदस्य का मत अवैध घोषित किया गया, उसे भी सदस्यों ने जमकर सराहा। वार्ड सदस्यों और पंचायत अधिकारियों की मानें तो रद मतपत्र में बहुत ही बारीकी से लाइन लगाई गई है। अगर लाइन सत्तर फीसदी भी किसी एक सदस्य की ओर चली जाती तो मत उस सदस्य के हिस्से में जाना था।
---------
जिला परिषद बैठक मार्च में प्रस्तावित
जिला परिषद शिमला की बैठक मार्च में प्रस्तावित है। यह बैठक तीन माह बाद आयोजित होती है। इसमें जिला से संबंधित विभिन्न समस्याओं को लेकर सदस्यों द्वारा प्रस्ताव लाए जाते हैं। इसके अलावा विकास संबंधी प्रस्ताव भी बैठक में पारित कर पंचायतीराज विभाग को भेजे जाते हैं।