शिमला। पुलिस मुख्यालय के बाहर खड़ी आईपीएस अधिकारी की पर्दे लगी बोलेरो गाड़ी पर सोमवार दोपहर बाद टीम अन्ना की नजर पड़ी। टीम सदस्य कनिका बंकर की अगुवाई में सीधे जा पहुंचे डीजीपी आईडी भंडारी के पास। पहले उनसे गाड़ियों में पर्दे लगाने के कानून के बारे में पूछा और फिर उन्हें कार्यालय के बाहर खड़ी गाड़ी के बारे में बताया। डीजीपी साहिब ने तुरंत गाड़ी के चालक को बुलाया, पूछा की गाड़ी किस अधिकारी की है और तुरंत गाड़ी से पर्दे हटाने के आदेश दिए।
सोमवार को टीम अन्ना ने शहर में चल रही बसों से काली फिल्में और पर्दे हटाने की मुहिम जारी रखी। टीम की सदस्य कनिका बंकर, पूनम ठाकुर, सुमन कदम व शालू चौहान सुबह करीब ग्यारह बजे लोकल बस स्टैंड पहुंची और पुलिस के सहयोग से अभियान शुरू कर दिया। इस दौरान उन सभी बसों से काली फिल्में उतरवाईं, जिनमें नियमों को ताक पर रखकर फिल्में लगाई गई थीं। इस दौरान बसों में लगे पर्दे भी हटवाए गए। टीम अन्ना की सदस्य कनिका बंकर ने बताया कि दिल्ली गैंगरेप घटना के बाद उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद शहर में काली फिल्में व पर्दे लगी बसें चल रही हैं। पुलिस के सहयोग से टीम अन्ना फिल्में व पर्दे हटाने का काम कर रही है ताकि भविष्य में दिल्ली जैसी घटना शिमला में न घटे। अभियान के दौरान ट्रैफिक इंस्पेक्टर मथुरा दास व कांस्टेबल दिलेराम ने भी सहयोग किया।