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शिमला में 50 रुपये ढुलाई मंजूर नहीं

Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
Shimla
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शिमला। राजधानी में गैस सिलेंडर ढुलाई के फ्लैट रेट के विरोध में शिमला नागरिक सभा लामबंद हो गई है। शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर सभा ने 50 रुपये ढुलाई रेट को नामंजूर कर क्षेत्रवार गैस ढुलाई का रेट तय करने की मांग की। विरोध प्रदर्शन में नागरिक सभा ने जिला प्रशासन पर गैस एजेंसियों और गैस कंपनियों के साथ सांठगांठ कर लोगों के हितों से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
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विरोध-प्रदर्शन के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए शिमला नागरिक सभा के अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि एक ओर आम आदमी केंद्र सरकार की ओर से छह सिलेंडरों के बाद सब्सिडी खत्म करने की मार झेल रहा है। दूसरी ओर जिला प्रशासन की देखरेख में गैस सिलेंडरों की ढुलाई पर भारी भरकम राशि वसूली जा रही है। उन्होंने कहा शहर में गैस सिलेंडर ढुलाई का फ्लैट रेट 50 रुपये करना व्यवहारिक नहीं है। क्षेत्र की दूरी के हिसाब से रेट तय होने चाहिए। 50 रुपये रेट अधिकतम होना चाहिए। विजेंद्र मेहरा ने कहा प्रशासन की गैस एजेंसियों से मिलीभगत है, इसके चलते आम आदमी पर बोझ डालकर गैस एजेंसी वाले प्रशासन की शह पर चांदी कूट रहे हैं। नागरिक सभा के सचिव मुनीश शर्मा ने कहा शहर के हजारों लोगों को गैस सिलेंडर की ढुलाई बेवजह 50 रुपये चुकानी पड़ रही है, जबकि गैस एजेंसियों के गोदामों के आसपास ही इन लोगों के घर हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि शहर में जल्द औसत ढुलाई राशि तय होनी चाहिए नहीं तो सभा उग्र आंदोलन करेगी। इस दौरान विवेक कश्यप, मीरा शर्मा, किशोरी ढटवालिया, बलवीर पराशर, बाबू राम, अमिता सूद, मोनिका गिल, प्रेम गेला, चंद्रकांत वर्मा, दिनेश मेहता, विनोद विरसांटा, पवन, संजीव खजूरिया, मीना कपूर, फालमा चौहान, रामू खेरालिया, सोनिया, पूर्ण चंद, मनोहर, स्वाति तनवर सहित कई अन्य मौजूद रहे।

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रिफंड हो 15 रुपये की अतिरिक्त वसूली : विजेंद्र
नागरिक सभा के अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा है केंद्र सरकार की अधिसूचना की आड़ में होम डिलीवरी के बिना प्रति सिलेंडर 15 रुपये का गैस एजेंसियों ने गोरखधंधा किया है। जिला प्रशासन की आंखों में धूल झोंकते हुए इन गैस एजेंसियों ने अभी तक लाखों रुपये का गोलमाल किया है। नागरिक सभा की मांग है कि इस मामले की विस्तृत जांच होनी चाहिए। उपभोक्ताओं से हुई अतिरिक्त वसूली रिफंड होनी चाहिए।
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