शिमला। प्रदेश लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग डिविजन ने ग्रीन टैक्स वसूली के तौर-तरीकों पर सवालिया निशान लगाने वाली याचिका के जवाब में कहा कि नगर निगम शिमला की ओर से की जा रही ग्रीन टैक्स वसूली विभाग कि अनुमति के बगैर अवैध है। विभाग ने हाई कोर्ट को बताया कि नगर निगम शिमला ने विभाग से जरूरी परमिशन नहीं ली और विभाग ने अपने संक्षिप्त उत्तर में यह भी कहा कि यदि नगर निगम सभी शर्तों को पूरा करने के पश्चात अनुमति प्राप्त कर लेता है तो उसे शिमला शहर के लिए बैरीकेट्स लगाने कि अनुमति दी जा सकती है। नगर निगम शिमला की ओर से दायर अपने जवाब में न्यायालय को बताया गया कि ग्रीन टैक्स वास्तव में ग्रीन फ ीस वसूली है, जो बाहरी राज्यों की गाड़ियों पर लगाया जा रहा है तथा सभी जरूरी कार्रवाई को पूरा करने के बाद ग्रीन फ ीस वसूली के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में लोक निर्माण विभाग की ओर से दायर जवाब पर अनुमति बिना वसूली को गैर कानूनी ठहराने के आरोप पर नगर निगम से जवाब मांगा है।