शिमला। हाईकोर्ट ने नगर निगम और निदेशक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग को आदेश दिए हैं कि वे ताशकेंट होटल शिमला के खिलाफ नगर निगम अधिनियम 1994 और निदेशक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग अधिनियम 1977 के तहत कानूनी कार्रवाई करे और होटल द्वारा अवैध निर्माण को चार सप्ताह के भीतर गिराए। उक्त आदेश न्यायाधीश राजीव शर्मा ने विजय कुमार अग्रवाल और विनोद कुमार अग्रवाल द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए पारित किए। याचिका में आरोप लगाया गया था कि प्रार्थी ने होटल बनाने के लिए नगर निगम के पास नक्शा जमा करवाया। नगर निगम ने पाया कि जहां पर होटल का निर्माण किया जाना है, वह क्षेत्र हेरिटेज जोन में आता है। जहां पर 25 मीटर के भीतर कोई भी निर्माण नहीं किया जा सकता। प्रार्थी का केस हेरिटेज एडवाजरी कमेटी को भेजा गया। कमेटी ने निरीक्षण के दौरान पाया कि प्रार्थी ने चार मंजिल और एक पार्किंग की मंजिल का निर्माण किया है, जोइस क्षेत्र में अवैध निर्माण है। अदालत ने प्रार्थी द्वारा किए गए अवैध निर्माण को चार सप्ताह में गिराने के आदेश दिए हैं।