शिमला। राजधानी शिमला के ऐतिहासिक जाखू मंदिर में दशहरा उत्सव धूमधाम और हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। मंदिर के मैदान में रावण सहित मेघनाद, और कुं भकरण के पुतलों का दहन किया गया। इस रावण दहन के इस कार्यक्रम में मुख्य सचिव सृदिप्तो राय बतौर मुख्यातिथि शरीक हुए, वहीं उपायुक्त शुभाशीष पांडे और व एडीएम एनके लठ्ठ भी मौजूद रहे। रावण दहन के बुराई पर अच्छाई की जीत के इस उत्सव में भारी संख्या में बच्चे पुतले को जलता देखने के लिए जुटे थे। शिमला शहर के एसडीएम राजीव ने बताया कि जाखू मंदिर में बहुत सालो से परंपरागत रूप से दशहरा मनाया गया और हजारों लोगों की भीड़ इस खास दिन जाखू में पहुुंचते है। पुतला फुंकने से पूर्व पहुंची श्री राम, लक्षमण और हनुमान जी की झांकी के बाद तीर चलाकर रावण के पुतले को श्री राम बने युवक ने आग लगाई। राम मंदिर से लेकर जाखू मंदिर तक जो झांकियां निकाली गई वो भी लोगों के लिए मुख्य आकर्षण रही जिसमें राम और लक्ष्मण जो पूरे रास्ते घोडे़ पर सवार जयकारों के बीच जाखू मंदिर पहुंचे वही हनुमान जी और उनकी सेना भी उनके साथ नाचते झूमते मंदिर पहुंची और दूसरी ओर रावण भी अपनी सेना के के साथ घोड़े पर सवार नाचते झूमते मंदिर तक पहुंचे।
करीब शाम के 5:30 बजे जब मुख्य अतिथि जाखू मंदिर के परांगण में पहुंचे और करीब 6 बजे राम द्वारा तीर से 30 फु ट के रावण क ा पुतला जलाया और रावण का वध किया। रावण की पुतले को आग लगते ही पठाखों के फुटने और आतिशबाजियों के चलने का दौर जमकर चला।