शिमला। शिमला शहर के दो पूर्व विधायकों की मौजूदगी में कंवलजीत सिंह को चुनाव लड़ाने का फैसला लिया गया है। हरभजन सिंह भज्जी और आदर्श सूद के चुनाव लड़ने से इनकार करने पर कंवलजीत को आजाद उतारा गया है। 17 अक्तूबर को कंवलजीत नामांकन भरेंगे। कांग्रेस का एक धड़ा इस फैसले के पक्ष में आ खड़ा हुआ है। पार्टी प्रत्याशी हरीश जनारथा को टिकट मिलने के बाद शहरी कांग्रेस में बगावत की चिंगारी सुलगना शुरू हुई थी। आखिर सोमवार को इसका लावा कंवलजीत बनकर फूट पड़ा।
शिमला शहर से हरभजन सिंह भज्जी और आदर्श सूद कांग्रेस से सशक्त दावेदार थे। विधायक रहने का अनुभव दोनों के पास है। शहर के एक तबके में इनका प्रभाव भी रहा है। हरीश जनारथा को टिकट मिलने के बाद सभी ने एक साथ इसका विरोध किया। इनकी हाईकमान से मांग थी कि टिकट शहर के ही व्यक्ति को दिया जाए। जो यही जन्मा, पला बढ़ा हो। लेकिन कांग्रेस ने टिकट ऊपरी शिमला से ताल्लुक रखने वाले व्यक्ति को थमा दिया।
शिमला शहरी कांग्रेस के महासचिव संजीव कुठियाला ने कहा कि बैठक में हरभजन सिंह भज्जी, आदर्श सूद सहित वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मौजूद थे। आम सहमति से यह फैसला लिया गया कि कंवलजीत सिंह को निर्दलीय चुनाव में उतारा जाए। किसी ने भी कांग्रेस से इस्तीफा नहीं दिया है और न ही देंगे।
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निर्दलीय चुनाव नहीं लडू़ंगा : भज्जी
हरभजन सिंह भज्जी ने कहा कि वह 40 साल से कांग्रेस से जुड़े हैं। पार्टी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगे। कांग्रेस का सच्चा सिपाही हूं, कांग्रेस में ही रहूंगा। शहर के लोगों ने निर्णय लिया कि कंवलजीत को आजाद चुनाव मैदान में उतारा जाए। सभी ने इस पर सहमति दी है।
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सभी ने दी सहमति : आदर्श
आदर्श सूद ने कहा कि वह 35 साल से कांग्रेस से जुड़े हैं। निर्दलीय नहीं लड़ रहे हैं। सभी की सहमति के बाद कंवलजीत चुनाव लड़ रहे हैं।
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फैसला दुखद है : कंवलजीत
कंवलजीत सिंह ने कहा कि पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ना दुखद है लेकिन टिकट उस व्यक्ति को देना चाहिए था जो शहर का हो, यहां पला बढ़ा हो। सभी की सहमति के बाद चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। 17 अक्तूबर को नामांकन करूंगा।
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प्रोफाइल
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जन्म 8 जुलाई 1958
जन्म स्थान - शिमला
निवास स्थान - गंज रोड शिमला
1980 से कांग्रेस से जुड़े रहे हैं
महासचिव और कोषाध्यक्ष के पद पर रहे
शिमला व्यापार मंडल के अध्यक्ष भी रहे
मौजूदा समय में शिमला कांग्रेस के सक्रिय सदस्य