तीन साल तक भूमिगत रहते हुए उन्होंने आंदोलन जारी रखा। इस दौरान ब्रिटिश पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई तो उनकी संपत्ति जब्त कर बेच दी गई। अरुणा ने राम मनोहर लोहिया के साथ कांग्रेस की मासिक पत्रिका 'इंकलाब' का संपादन और ऊषा मेहता के साथ कांग्रेस के एक गुप्त रेडियो स्टेशन से प्रसारण करना शुरू किया। 29 जुलाई 1996 में 87 साल की अरुणा आसफ अली का निधन कोलकाता में हुआ था।
पुरस्कार
अरुणा आसफ अली अंतरराष्ट्रीय लेनिन पुरस्कार, 'ऑर्डर ऑफ़ लेनिन', जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार, पद्म विभूषण और मृत्यु उपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया।