अधिकतर महिलाएं जीवन के कई पड़ाव पर बलिदान देती आईं हैं। परिवार और सपने में से चुनाव करना हो तो अधिकतर मौकों पर महिलाएं परिवार और अपने करीबियों की खुशियों पर चुनती हैं। शादी के बाद तो अक्सर ही महिलाएं खुद के सपनों को भूल जाती हैं और पति व बच्चों के सपनों को अपना बना लेती हैं। हालांकि एक महिला ने शादी के बाद अपने बचपन के अधूरे सपने को पूरा किया। ये आसान नहीं था, महिला पत्नी ही नहीं एक मां भी है, लेकिन अब सफलता हासिल करके वह हर बच्चे और महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। महिला पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। आइए जानते हैं महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी इस मां की सफलता की कहानी।
पश्चिम बंगाल बोर्ड परीक्षा परिणाम
पिछले साल मई में पश्चिम बंगाल उच्च माध्यमिक शिक्षा संसद (WBCHSE)ने 12वीं बोर्ड के परिणाम घोषित किए, जिसमें 89.25% छात्र उत्तीर्ण रहे। 12वीं की परीक्षा के परिणाम के लिए एक परिवार बहुत उत्साहित था और रिजल्ट देख उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। एक मां भी इस परीक्षा में शामिल हुई थी। खास बात ये है कि मां ने अपने बेटे के साथ परीक्षा दी और उससे अधिक नंबर से पास हुईं हैं।
6वीं के बाद लतिका ने छोड़ी पढ़ाई
महिला बंगाल के शांतिपुर की रहने वाली हैं। इस महिला का नाम लतिका मंडल है, जो कि 38 साल की हैं। लतिका मंडल के परिवार की आर्थिक स्थित ठीक न होने के कारण उन्होंने 6ठी के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। वह स्कूल जाना चाहती थीं लेकिन उनके माता पिता उन्हें पढ़ाने में सक्षम नहीं थे।
शादी के बाद लिया स्कूल में दाखिला
जब लतिका 20 साल की थीं, तो उनकी शादी हो गई। लतिका मंडल के पति दिहाड़ी मजदूर हैं। परिवार को संभालने के साथ ही लतिका ने अपने सपने को पूरा करने की ठानी और पड़ोसी की मदद से रबींद्र मुक्त विद्यालय में दाखिला लिया। साल 2020 में लतिका और उनकी बेटी ने एक साथ 10वीं की परीक्षा दी और अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हुईं। उसके बाद उन्होंने नरसिंहपुर हाई स्कूल में दाखिला लिया और 11वीं की पढ़ाई कला स्ट्रीम से की।
बेटे संग पास की 12वीं की परीक्षा
लतिका का बेटा पूर्व बर्धमान के कालना महाराज हाई स्कूल में पढ़ता था। इस साल मां और बेटे की जोड़ी ने 12वीं की परीक्षा दी और अच्छे अंक प्राप्त किए। लतिका और उनका बेटा साथ पढ़ते थे। परीक्षा में लतिका ने बेटे से अधिक अंक हासिल किए। लतिका ने 500 में से 324 अंक प्राप्त किए तो वहीं उनके बेटे सौरव ने 284 अंक हासिल किए।
लतिका मंडल पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं और स्नातक की डिग्री हासिल करना चाहती हैं। उनके बेटे का लक्ष्य कॉलेज खत्म करने सरकारी नौकरी की तैयारी करना है।