UPSC Chairperson 2024 Preeti Sudan : देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष रहे मनोज सोनी के इस्तीफे के बाद उनकी जगह एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी को मिली है। यूपीएससी की नई अध्यक्ष एक महिला बनी हैं, जिनका नाम प्रीति सूदन है। 1983 बैच की आईएएस अधिकारी प्रीति सूदन यूपीएससी सदस्य थी, हालांकि आज उन्हें संघ लोक सेवा आयोग के नए अध्यक्ष का पद ग्रहण कर लिया। आइए जानते हैं प्रीति सूदन की शिक्षा, करियर और उपलब्धियों के बारे में।
कौन हैं प्रीति सूदन?
प्रीति सूदन हरियाणा के चरखी दादरी की रहने वाली हैं। उनका जन्म 30 अप्रैल 1960 को हुआ था। प्रीति सूदन के पिता का नाम ओपीएस राव हैं।
प्रीति सूदन की शिक्षा
रिटायर्ड सीनियर आईएएस अधिकारी प्रीति सूदन ने लंदन स्कूल आॅफ इकोनाॅमिक्स से अर्थशास्त्र में एम.फिल की डिग्री हासिल की। इसके साथ ही सामाजिक नीति एवं नियोजन में एमएससी की पढ़ाई की।
प्रीति सूदन का करियर
प्रीति सूदन प्रशासनिक सेवा में जाने का फैसला लेते हुए 1983 बैच की आईएएस अधिकारी बनीं। उन्हें आंध्र प्रदेश कैडर में पहली पोस्टिंग मिली। जिसके बाद वह कई केंद्रीय मंत्रालयों में महत्वपूर्ण पदों पर रहीं। इसके अलावा उन्हें अंतरराष्ट्रीय संगठनों, जैसे विश्व बैंक में कंसल्टेंट के पद और विश्व स्वास्थ्य संगठन के इंडिपेंडेंट पैनल सदस्य के पद पर रहते हुए अपनी सेवाएं दी हैं।
WHO और विश्व बैंक में दी सेवा
37 साल के करियर में विभिन्न विभागों में कार्य किया। 2020 में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव के पद से रिटायर हुई लेकिन कोरोना संकट के दौरान प्रीति सूदन ने अहम भूमिका निभाते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय में केंद्रीय सचिव के पद की जिम्मेदारी निभाई। 2022 में उन्हें यूपीएससी का सदस्य बनाया गया और अब इसी संस्थान के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति मिली है।
प्रीति सूदन के चर्चित फैसले
कोरोना काल में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव रहते हुए प्रीति सूदन ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर प्रवासी मजदूरों की देखभाल करने की सिफारिश की थी। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और आयुष्मान भारत योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ई सिगरेट पर बैन लगाने में उनका योगदान रहा। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग में महत्वपूर्ण भूमिका में रहीं।