आने वाले कुछ सालों में आप अपने आपको किस मुकाम पर देखना चाहती हैं, कुछ सोचा है इस बारे में ?
लताश्री-सकारात्मक सोच के साथ देश का नाम करना चाहती हूं। माता-पिता को मुझ पर गर्व महसूस हो और मेरे देश को मुझ पर नाज हो यही मेरा सपना है। हमें ऐसा बनना चाहिए जिससे लोगों को प्रेरणा मिले और आपको देखकर वो भी अपने सपनों को पूरा करने की हिम्मत करें ।
जब भी आपका हौसला टूटा तो किस तरह आपने खुद को फिर से तैयार किया लड़ने के लिए?
लताश्री-मेरा हौसला कभी नहीं टूटता, हम नेवी में एक परिवार की तरह काम करते हैं और एक दूसरे को हौसला देते हैं, बस आगे बढ़े चलो, ना रुको और ना डरो। जब आप अच्छा काम करते हैं और लोग आपको देखकर फक्र महसूस करते हैं यह ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
जब भी माता- पिता से बात होती हैं तो इमोशनल महसूस करती हैं?
लताश्री- हां, खासकर मां से बात करते हुए, मगर में उस पल बहुत मजबूत रहती हूं क्योंकि मुझे देखकर उनकी आंखों में चमक आ जाती हैं। फौज मतलब हिम्मत,मैं इसको अपना मंत्र मानती हूं। हमें अपने संघर्ष से सीखना चाहिए मगर सबसे ज्यादा जरूरी है अपनी मजबूती को पहचान कर उस पर काम करना।