एक चाय वाले की बेटी ने अपने मेहनत के बल पर ये मुकाम हासिल किया है। इस पर आंचल का कहना है कि ये सब मेरे पिता की अथक मेहनत का नतीजा है। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी अपने बच्चों को पढ़ाने और काबिल बनाने में लगा दी। आंचल दो बहन और एक भाई हैं। उनका सपना हमेशा से सेना में जाने का था और आज ये सपना पूरा हो रहा है।
कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन के कारण आंचल के माता-पिता हैदराबाद नहीं जा पाए। लेकिन टीवी पर बेटी की ग्रेजुएशन सेरेमनी देख दोनों बेहद खुश हैं। फ्लाइंग ऑफिसर बन गईं आंचल ने अपने गांव के ही सरकारी कॉलेज से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई पूरी की है। जिसके बाद उसने मध्य प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर ज्वॉइनिंग की थी। इसके बाद वो लेबर इंस्पेक्टर के पद पर भी आठ महीने कार्यरत थी। फिर उन्होंने इंडियर एयरफोर्स अकादमी ज्वॉइन कर ली। आंचल कहती हैं कि उनके पिता ने हमेशा उनके सपनों को पूरा करने में हमारी मदद की है।