National Sports Awards 2024 : हरियाणा के झज्जर जिले की 22 वर्षीय निशानेबाज मनु भाकर ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारतीय खेल जगत में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया है। हाल ही में, उन्हें वर्ष 2025 के राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों में सर्वोच्च सम्मान, खेल रत्न पुरस्कार के लिए नामित किया गया है।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
मनु का जन्म हरियाणा के झज्जर जिले में हुआ। उनकी मां, सुमेधा भाकर, चाहती थीं कि मनु डॉक्टर बनें, लेकिन मनु की रुचि खेलों में थी। उन्होंने स्केटिंग, घुड़सवारी, क्रिकेट सहित विभिन्न खेलों में भाग लिया और उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अंततः, उन्होंने शूटिंग को अपने करियर के रूप में चुना और इसमें अपनी पहचान बनाई।
खेल करियर और उपलब्धियां
मनु ने 2016 में शूटिंग की शुरुआत की और 2017 में राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में हीना सिद्धू को हराकर राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम रोशन किया। 2018 में, उन्होंने ISSF जूनियर वर्ल्ड कप में 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में स्वर्ण पदक जीता। उसी वर्ष, जकार्ता में आयोजित एशियाई खेलों में 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में भी स्वर्ण पदक जीता।
2024 के पेरिस ओलंपिक में, मनु ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा, वह ओलंपिक में शूटिंग में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
संघर्ष और प्रेरणा
टोक्यो ओलंपिक 2020 में खराब प्रदर्शन के बाद, मनु ने खेल छोड़ने का विचार किया था। लेकिन कोच जसपाल राणा के प्रेरक शब्दों और भगवद गीता के श्लोक "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन" से प्रेरित होकर, उन्होंने अपने खेल पर पुनः ध्यान केंद्रित किया और पेरिस ओलंपिक में सफलता प्राप्त की।
मनु की सफलता ने उन्हें युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना दिया है। मनु भाकर की कहानी संघर्ष, समर्पण और दृढ़ संकल्प की मिसाल है, जो यह दर्शाती है कि कठिनाइयों के बावजूद निरंतर प्रयास से सफलता प्राप्त की जा सकती है।