मेहनत हमेशा रंग लाती है। 25 साल की सीता वसुनिया साधारण आदिवासी महिला की तरह ही थीं। लेकिन अब वो फैशन मैगजीन वॉग का हिस्सा बन चुकी हैं। मध्य प्रदेश के भीलांचल जिले की सीता महिला सशक्तीकरण का हिस्सा बन चुकी हैं। दिल्ली के फैशन फोटोग्राफर ने सीता की तस्वीर रानी रूपमती महल, मांडू के मशहूर टूरिस्ट स्पॉट पर ली थी। जहां पर वो माहेश्वरी हैंडलूम की साड़ी पहने थीं। जिस पर ब्लॉक प्रिंट उन्होंने खुद से किए थे।
एक जिला एक उत्पाद की स्कीम के तहत सीता ने ट्रेनिंग लेना शुरू किया था। वो दस महिलाओं में से एक हैं जो धारा के स्वयं सहायता समूह का हिस्सा हैं और मध्य प्रदेश सरकार के महात्वाकांक्षी योजना जो आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के अंतर्गत आता है। धार जिले में फैब्रिक पेंटिग काफी मशहूर है। बाग प्रिंट, डाबू और बाटिक प्रिंट की कला यहां जानी जाती है।