फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Cricketer Jyoti Yadav: मजदूर की बेटी खेलेगी टी20 मैच, जानिए मिर्जापुर की क्रिकेटर बिटिया ज्योति यादव की कहानी

Mon, 16 Jan 2023 06:46 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ज्योति के जीवन में आर्थिक कमियां रहीं लेकिन उनके परिवार और गांव के लोगों ने ज्योति को हमेशा प्रोत्साहित किया। उसके गांव में कोई लड़की क्रिकेट नहीं खेलती है।
विज्ञापन
मिर्जापुर की ज्योति यादव - फोटो : twitter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Mirzapur Cricketer Jyoti Yadav: मिर्जापुर की बेटियां देशभर में नाम रोशन कर रही हैं। हाल ही में मिर्जापुर की सानिया मिर्जा ने एनडीए की परीक्षा में 149वीं रैंक हासिल कर फ्लाइंग विंग में दूसरा स्थान प्राप्त कर लिया। इसी के साथ सानिया देश की पहली मुस्लिम महिला फाइटर पायलट बन सकतीं हैं। इस उपलब्धि से जिले के हर शख्स का सीना चौड़ा हो गया होगा। वहीं अब मिर्जापुर के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले की एक अन्य बेटी ने भी पूरे प्रदेश का नाम बढ़ाया। ज्योति यादव नाम की लड़की का चयन महिला टी20 टीम में हुआ है। ज्योति यादव का राष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट में सिलेक्शन होना हर उस लड़की के लिए प्रेरणा है, जो विपरीत परिस्थितियों के बाद भी सपने देखती हैं और उसे पूरा करना चाहती हैं। आइए जानते हैं मिर्जापुर की खिलाड़ी बेटी ज्योति यादव की कहानी।

विज्ञापन


कौन है ज्योति यादव?

ज्योति यादव मिर्जापुर के कछवा थाना क्षेत्र के छोटे से गांव आहीं (तिवारी का पुरा) की रहने वाली हैं। वह एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता का नाम काशीनाथ यादव है, जो कि एक दिहाड़ी मजदूर हैं। ज्योति पांच बहनों और एक भाई के बीच चौथे नंबर की संतान हैं।

अभावों के सामने भी नहीं मानी हार

ज्योति ने बचपन में अपने पिता से क्रिकेट के गुण सीखें। उन्होंने देश के लिए क्रिकेट खेलने का सपना देखा तो पिता को इस बात की चिंता सताने लगी कि बेटी के सपने को कैसे पूरा करेंगे। दिहाड़ी मजदूरी के जरिए वह एक दिन में लगभग 350 रुपये तक कमा लेते हैं। घर पर कमाने वाले वह इकलौते सदस्य हैं। परिवार के पास न तो कोई जमीन है और न कोई निश्चित आय।
विज्ञापन


बकाया फीस पर नहीं मिली मार्कशीट

एक तरफ बेटी के सपने थे तो दूसरी तरफ उसकी शिक्षा। ज्योति ने 12वीं की परीक्षा तो चार साल पहले ही पास कर लीं, लेकिन उनके पास मार्कशीट नहीं है। दरअसल, ज्योति की स्कूल की फीस अब तक बकाया है। लगभग 4000 रुपये स्कूल में फीस के तौर पर जमा करने पर ही स्कूल से मार्कशीट जारी की जाएगी।

ज्योति ने खुद से की क्रिकेट की प्रैक्टिस

जब ज्योति को मैच खेलने के दिल्ली भेजना था तो काशीनाथ की चिंता बढ़ गई, क्योंकि उनके पास इतने पैसे नहीं थे। ज्योति जिस बल्ले से खेलती हैं, वह भी पास के गांव के एक परिचित ने उन्हें दिया है। ज्योति ने क्रिकेट की प्रैक्टिस फसल कटने के बाद खाली खेतों में की। हालांकि जब फसलें बढ़ जाती तो ज्योति घर के पास छोटे भाई के साथ मैच खेलती हैं।

पुराना बल्ला और खेत का मैदान आया काम

विज्ञापन

ज्योति यादव - फोटो : Facebook
ज्योति के जीवन में आर्थिक कमियां रहीं लेकिन उनके परिवार और गांव के लोगों ने ज्योति को हमेशा प्रोत्साहित किया। उसके गांव में कोई लड़की क्रिकेट नहीं खेलती है। लेकिन जब ज्योति ने क्रिकेट खेलना शुरू किया तो किसी ने उन्हे बल्ला तो किसी ने पुराना मोबाइल दिया। मोबाइल के जरिए ज्योति क्रिकेट ट्रायल्स के बारे में जानकारी प्राप्त करती हैं।

टी20 में खेलेंगी ज्योति यादव

इस दौरान उनकी मुलाकात राष्ट्रीय खिलाड़ी गौरव बिंद से हुई, जिसके जरिए ज्योति को डीएलसीएल ट्रायल के बारे में पता चला। गौरव बिंद भदोही के रहने वाले हैं। उनके पता चला कि दिल्ली में परीक्षण शुरू हो रहे हैं और परीक्षण के लिए पंजीकरण कराना होता है। ज्योति किसी तरह साल 2021 में ट्रायल के लिए दिल्ली पहुंची। उन्होंने महज तीन ओवर ही खेलें लेकिन लोगों का ध्यान अपनी ओर जरूर खींचा। डीएलसीएल के क्वालीफाइंग राउंड में उन्होंने सेलेक्टर्स को प्रभावित किया। इसी के साथ यह दाएं हाथ की विस्फोटक बल्लेबाज और ऑलराउंडर खिलाड़ी टी20 मैंच खेलेंगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें