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Vasanthi Cheruveettil: साड़ी पहनकर महिला ने एवरेस्ट बेस कैंप पर फहराया तिरंगा, पेशे से हैं दर्जी

Tue, 25 Mar 2025 04:10 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचने वाली 59 साल की महिला का नाम वासंती चेरुवेटिल है। वह केरल के किन्नौर की रहने वाली हैं। पति के निधन के बाद वासंती ने कमाई के लिए सिलाई का काम शुरू किया।
 
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वासंती ने एवरेस्ट बेस कैंप पर की चढ़ाई - फोटो : Instagram/vasanthycheruveetil
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विस्तार
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Vasanthi cheruveettil reached Everest base camp : अगर हौसले मजबूत हों तो उम्र को भी मात दे सकते हैं।  इस कथन को एक 59 साल की महिला ने सच साबित करके दिखा दिया है। केरल की रहने वाली इस महिला ने उम्र के बंधन को तोड़कर अकेले ही एवरेस्ट बेस कैंप तक चढ़ाई कर दी। महिला की उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बिना किसी ट्रेनिंग के ऐसा किया। उनके सफर को आसान बनाने के लिए एक गुरु का काम यूट्यूब ने किया। ये महिला पेशे से एक दर्जी है जो कि अपनी कमाई के लिए सिलाई का काम करती हैं। आइए जानते हैं केरल की 59 साल की वासंती चेरुवेटिल के बारे में, जिन्होंने बिना किसी फॉर्मल ट्रेनिंग के एवरेस्ट बेस कैंप की चढ़ाई की है।

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कौन हैं एवरेस्ट बेस कैंप पर चढ़ाई करने वाली महिला?

एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचने वाली 59 साल की महिला का नाम वासंती चेरुवेटिल है। वह केरल के किन्नौर की रहने वाली हैं। पति के निधन के बाद वासंती ने कमाई के लिए सिलाई का काम शुरू किया।

यूट्यूब से ली प्रारंभिक ट्रेनिंग

हालांकि यात्रा और पर्वतारोहण में रूचि ने उन्हें एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया। वासंती ने यूट्यूब को अपना गुरु बनाया और घर पर चार महीने तक ट्रेनिंग ली। खुद को अकेले ही चढ़ाई करने के लिए तैयार किया, जिसके लिए वह रोजाना कुछ घंटे पैदल चला करती थीं। वह ट्रैकिंग बूट पहनकर अभ्यास करतीं थीं।  दोस्तों के साथ पांच से छह किलोमीटर की शाम की सैर पूरी किया करतीं और रोजाना कुछ देर एक्सरसाइज किया करती थीं। हालांकि उस दौरान उनकी इसी कड़ी सेल्फ ट्रेनिंग पर लोग हंसा करते थे।
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9 दिन में पूरी की एवरेस्ट बेस कैंप की यात्रा

वासंती ने एवरेस्ट फतह करने लिए यात्रा  की शुरुआत 15 फरवरी को नेपाल से शुरू की। उनकी यह यात्रा नौ दिनों की थी। 23 फरवरी को वासंती 5364 मीटर का सफर तय करके साउथ बेस कैंप पहुंचीं। यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात विश्व के कई ट्रैकर्स से हुई, जिसमें भारत के ही एक पिता पुत्र की जोड़ी भी शामिल थी।

अपने नौ दिन के ट्रैकिंग सफर के दौरान वह प्रतिदिन छह से सात घंटे पैदल चलती थीं। मौसम और ऊंचाई को ध्यान में  रखते हुए बीच-बीच में ब्रेक लिया। जब वह एवरेस्ट के बेस कैंप तक पहुंची तो उन्होंने पारंपरिक कसावु साड़ी पहनकर भारतीय ध्वज फहराकर जश्न मनाया। बता दें कि यह वासंती की पहली यात्रा नहीं है। इसके पहले वह मई 2024 में अकेले थाईलैंड की यात्रा कर चुकी हैं।

 

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