भारत की महिलाएं आज हर कदम पर तरक्की व सफलता हासिल कर रही हैं। बात पढ़ाई की हो या खेल की हो, मानसिक और शारीरिक दोनों स्तर पर महिलाएं पुरुषों से कम नहीं हैं। वह देश के सर्वोच्च सेवा में कार्य कर रही हैं, तो वहीं अंतरराष्ट्रीय खेलों में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाओं की सफलता उम्र की मोहताज नहीं। कम उम्र की लड़कियां तो शानदार प्रदर्शन कर ही रही हैं, तो वहीं उम्र दराज महिलाएं, परिवार और गृहस्थी संभालने के साथ ही उद्योग जगत, एथलेटिक्स में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। इन्हीं दमदार महिलाओं में पुणे की प्रीती मस्के का नाम भी जुड़ गया है। प्रीती मस्के ने ऐसा कारनामा कर दिखाया कि उनका नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया। प्रीती की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि वह दो बच्चों की मां भी हैं। बच्चों के जन्म के बाद प्रीति ने अपनी फिटनेस पर ध्यान दिया और इस मुकाम पर पहुंच गईं। चलिए जानते हैं गिनीज रिकॉर्ड बनाने वाली पुणे की प्रीति मस्के के बारे में।
कौन हैं प्रीति मस्के
प्रीती मस्के महाराष्ट्र के पुणे जिले में रहती हैं। 45 साल की प्रीति दो बच्चों की मां हैं। साल 2017 में प्रीति ने साइकिलिंग करना शुरू किया। उसके बाद से प्रीति ने साइकिलिंग के जरिए कई रिकाॅर्ड बनाएं। इन दिनों प्रीति अपनी एक उपलब्धि के कारण चर्चा में हैं। उन्होंने साइकिलिंग करते हुए लेह से मनाली तक का सफर तय किया है। लेह से मनाली तक साइकिलिंग करने के लिए प्रीती ने केवल 55 घंटे और 13 मिनट में पहुंची हैं। प्रीति ने सबसे तेज साइकिल चलाने का सोलो रिकॉर्ड बनाकर गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज कराया है।
प्रीति मस्के ने बनाया गिनीज रिकाॅर्ड
इसके पहले प्रीति ने लेह से मनाली का सफर 60 घंटों में पूरा किया था। उनके इस सफर को 22 जून को बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के चीफ इंजीनियर ब्रिगेडियर गौरव कार्की ने हरी झंडी दिखाई थी। इसके बाद वह 22 जून को मनाली पहुंचीं।
साल 2019 में प्रीति और उनके समूह ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक का सफर तय किया था। इसमें 3773 किलोमीटर के सफर को प्रीति ने 17 दिन 17 घंटों में पूरा किया था। वहीं महाराष्ट्र के नासिक से अमृतसर, पंजाब के बीच का 1600 किलोमीटर का सफर महज 5 दिन और 5 घंटे में पूरा किया था। उनकी उपलब्धि इसलिए खास हैं क्योंकि इस रूट पर साइकिलिंग से सफर तय करने वाली वह इकलौती महिला साइकिलिस्ट हैं।
प्रीति मस्के की उपलब्धि
लेह से मनाली का सफर 55 घंटे में सोलो साइकिलिंग के माध्यम से पूरा करने वाली प्रीति ने अपनी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि रास्ता मुश्किलों से भरा था, मौसम बदल रहा था। उन्हें उम्मीद थी कि वह 55 घंटे के अंदर यात्रा खत्म कर सकती हैं लेकिन बदलते मौसम की वजह से उन्हें तुलना में ज्यादा समय लगा। हालांकि वह अपनी इस जीत से अच्छा महसूस कर रही हैं।
प्रीति की सफलता पर बीआरओ ने भी उन्हें बधाई देते हुए ट्वीट किया कि प्रीती ने लेह से मनाली का 480 किलोमीटर का कठिन सफर 55 घंटे 13 मिनट में पूरा किया। इस सफर में खराब मौसम के बाद भी प्रीति ने 4 माउंटेन पास क्रॉस किए।