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Yashasvi Solanki: मिलिए यशस्वी सोलंकी से, जो बनीं राष्ट्रपति की पहली महिला ADC

Thu, 12 Jun 2025 05:10 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Lt Commander Yashasvi Solanki:  अब से फ्लाइट लेफ्टिनेंट यशस्वी सोलंकी साए की तरह राष्ट्रपति मुर्मू के साथ रहेंगी, यहां तक की राष्ट्रपति भवन में महामहिम मुर्मू के बगल वाला कमरा भी उनका ही होगा। आइए जानते हैं कि फ्लाइट लेफ्टिनेंट यशस्वी सोलंकी कौन हैं और कैसे मिला उन्हें ये सम्मान।
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लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी - फोटो : Facebook President Of India And Instagram
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विस्तार
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Lt Commander Yashasvi Solanki: देश की बेटियां हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं और भारत का मान बढ़ा रही हैं। देश के रक्षा विभाग में महिलाओं की भूमिका दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। ये महिलाएं केवल देश के वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति हासिल नहीं कर रहीं,बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं। आजकल लड़कियों के लिए एक नई प्रेरणा हैं फ्लाइट लेफ्टिनेंट यशस्वी सोलंकी। यशस्वी सोलंकी भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की पहली महिला एडीसी नियुक्त हुई हैं। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि अब तक यह पद पुरुष अधिकारियों के पास ही रहा करता था। अब से फ्लाइट लेफ्टिनेंट यशस्वी सोलंकी साए की तरह राष्ट्रपति मुर्मू के साथ रहेंगी, यहां तक की राष्ट्रपति भवन में महामहिम मुर्मू के बगल वाला कमरा भी उनका ही होगा। आइए जानते हैं कि फ्लाइट लेफ्टिनेंट यशस्वी सोलंकी कौन हैं और कैसे मिला उन्हें ये सम्मान।

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कौन हैं यशस्वी सोलंकी?

यशस्वी सोलंकी हरियाणा के चरखी दादरी जिले की रहने वाली हैं। उनके पिता सरकारी स्कूल में शिक्षक और माता गृहिणी हैं। वह भारतीय नौसेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपने समर्पण, साहस और परिश्रम से यह साबित किया है कि महिलाएं रक्षा सेवाओं में भी उच्च पदों तक पहुंच सकती हैं।


यशस्वी सोलंकी की शिक्षा और करियर

उनकी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली में हुई। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया। साल 2012 में उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत नौसेना की लॉजिस्टिक ब्रांच ज्वाइन की। पांच से सात साल कड़ी मेहनत और नौसेवा में सेवाएं देने के बाद उन्हें राष्ट्रपति का एडीसी नियुक्त किया गया है।
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ADC कौन होता है

एडीसी का मतलब है Aide-de-Camp। यह एक बहुत ही प्रतिष्ठित और जिम्मेदारी से भरा पद होता है। राष्ट्रपति जो कि आर्म्ड फोर्सेज के सुप्रीम कमांडर होते हैं, उनको पांच एडीसी दिए जाते हैं। इनमें से तीन थल सेना, एक वायुसेना और एक नौसेना से होता है। राष्ट्रपति खुद ही अफसरों का चयन करते हैं। एडीसी राष्ट्रपति के सबसे करीबी सैन्य सहायक होता हैं। राष्ट्रपति और आर्म्ड फोर्सेज के बीच कम्यूनिकेशन स्थापित करने का कार्य करते हैं।
 

एडीसी का क्या कार्य होता है?
  • एडीसी राष्ट्रपति के साथ सभी औपचारिक कार्यक्रमों में उनकी सहायता करते हैं।
  • राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बैठकों, सम्मेलनों और विज़िट्स के दौरान प्रोटोकॉल निभाने की जिम्मेदारी निभाते हैं।
  • राष्ट्रपति के दैनिक शेड्यूल और सुरक्षा संबंधी गतिविधियों में एडीसी सहायता करते हैं।


कैसे होती है एडीसी की नियुक्ति?
  • यह युवा मिलिट्री अफसर को मिलने वाला सबसे बड़ा सम्मान होता है।
  • एडीसी बनने का मौका बेहतरीन सर्विस रिकॉर्ड वाले अफसरों को ही मिलता है।
  • इनका चयन लीडरशिप क्वालिटी, सर्विस रिकॉर्ड और आपरेशनल परफार्मेंस के आधार पर किया जाता है।

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