कुछ दिन पहले कुशीनगर जिले में दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की जान चली गई। जिले के नौरंगिया गांव के स्कूल टोला में मटकोड़वा देखने पहुंची महिलाएं वहां के एक कुएं में गिर गई, जिसे मिट्टी से पाट दिया गया था। इस दौरान कई महिलाएं मौत के करीब पहुंच गईं लेकिन इन्हीं महिलाओं में एक बहादुर बिटिया भी थी, जिसने खुद का जान की परवाह किए बिना कई जिंदगियां बचाईं। कहते हैं जब मुसीबत आती है तभी रियल लाइफ हीरो निकल कर समाज के सामने आते हैं। कुशीनगर हादसे में भी एक बहादुर बिटिया से समाज की पहचान हुई। हालांकि आज वह इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन शायद ही कुशीनगर और इस हादसे में शामिल लोग उस बहादुर बिटिया को कभी भुला पाएं। कुशीनगर हादसे में पांच लोगों की जान बचाकर रियल लाइफ हीरो बनने वाली बिटिया का नाम पूजा यादव है। चलिए जानते हैं पूजा यादव के बारे में।
कौन है पूजा यादव ?
कुशीनगर में रहने वाली पूजा यादव के भी कई सपने थे। 21 साल की पूजा यादव सेना में भर्ती की तैयारी कर रही थीं। पूजा यादव के पिता बलवंत यादव भी सेना में हैं।
सेवा में शामिल होने का था सपना
देश की सेवा के लिए सिलेक्शन के लिए तैयारी कर रहीं पूजा ने कुशीनगर हादसे में शामिल महिलाओं की रक्षा करके बिना वर्दी ही एक सैनिक का फर्ज निभा दिया। पूजा यादव ने कुएं में डूबे पांच लोगों की जान बचाई। इनमें उनकी मां और दो बच्चे भी शामिल थे।
पूजा ने बचाई पांच लोगों की जान
महिलाओं को कुएं में डूबता देख सबसे पहले पूजा ने अपनी मां को बचाया। उसके बाद एक एक कर चार और लोगों को बचाया। वहीं जब वह छठी जान बचा रहीं थी, तभी कुएं में डूबकर उनकी मौत हो गई।
पूजा के आर्मी मैन पिता को बेटी के जाने का गम भी है लेकिन पूरे गांव को बेटी पर गर्व भी है। पूजा यादव के पिता को अपनी बेटी की शादी की चिंता थी लेकिन न तो उनकी शादी हो सकी और न ही सेना में सिलेक्शन हो पाया।
कुशीनगर हादसे में 13 लोगों की गई जान
बता दें कि नौरंगिया स्कूल टोला में हल्दी रस्म का हो रही थी, जिसमें मिट्टी से पटे कुएं पर चढ़कर भांगड़ा देखते समय कुएं में 25 से ज्यादा महिलाएं और बच्चे गिर गए। इस हादसे में जान गंवाने वालों में साहसी बेटी पूजा यादव के अलावा एक साल की परी, दस वर्षीय आरती, 15 साल की शशि, सुंदरी, ज्योति, राधिका, पूजा यादव, पूजा चौरसिया, मीरा, शकुंतला देवी, ममता देवी, मन्नू शामिल हैं।