काव्या ने दिया परीक्षा का मूल मंत्र
अपनी सफलता को लेकर काव्या का कहना है कि उन्होंने नियमित 7-8 घंटे पढ़ाई की। सोशल मीडिया से दूरी बनाई रखीं। कोरोना महामारी के दौरान काव्या ने ऑनलाइन पढ़ाई का शेड्यूल बनाकर तैयारी शुरू की और पढ़ाई को प्रभावित नहीं होने दिया।
काव्या की सलाह
उनका कहना है कि उन्होंने बचपन से ही लगातार अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन कभी अधिक दबाव नहीं लिया। काव्या का मानना है कि पूरे दिन पढ़ाई करने की जरूरत नहीं होती। जितना हो सके उतनी ही पढ़ाई करनी चाहिए। काव्या ने इस साल असफल हुए छात्रों को संदेश दिया कि भले ही जेईई पास नहीं हो पाया हो, लेकिन यह दुनिया का अंत नहीं है। असफल छात्र किसी और क्षेत्र में भविष्य बनाने की ओर ध्यान दे सकते हैं।